
नयी दिल्ली 04 जनवरी : समुद्र के रास्ते दुनिया का चक्कर लगाने के महत्वाकांक्षी अभियान, नाविका सागर परिक्रमा- दो पर निकली नौसेना की दो अधिकारियों की तारिणी नौका शनिवार को लिटलटन से पोर्ट स्टेनली के लिए
तीसरे चरण पर रवाना हुई।
इस चरण में तारिणी 5600 समुद्री मील लगभग 10,400 किमी की दूरी तय करेगी। यह इस अभियान का सबसे लंबा चरण है। यह लगभग 56 डिग्री दक्षिण में तारिणी का सबसे दक्षिणी पारगमन भी होगा। तारिणी गत 22 दिसंबर को ऐतिहासिक समुद्री यात्रा के दूसरे चरण को पूरा करके लिटलटन पहुंची थी। इस अभियान पर निकली लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए – समुद्री अन्वेषण में भारत की बढ़ती शक्ति का प्रतीक हैं। लिटलटन में चालक दल ने अगले चरण पर विशेष ध्यान देने के साथ नाव की मरम्मत और रखरखाव का काम किया, जहां जहाज दक्षिण प्रशांत को पार करेगा, खतरनाक ड्रेक मार्ग से गुजरेगा, और पोर्ट स्टेनली तक पहुंचने के लिए केप हॉर्न को पार करेगा। दक्षिणी महासागर की मौसम प्रणालियों के साथ, टीम तारिणी 50-60 समुद्री मील (90 – 110 किमी प्रति घंटे) तक की हवाओं के साथ चुनौतीपूर्ण समुद्र का अनुभव की उम्मीद कर रही है।
तारिणी को गत 02 अक्टूबर को नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी द्वारा गोवा से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था।