आस्था और आधुनिकता का समागम महाकुंभ बनेगा राष्ट्रीय एकता का पर्याय :योगी

आस्था और आधुनिकता का समागम महाकुंभ बनेगा राष्ट्रीय एकता का पर्याय :योगी

महाकुंभनगर, 09 जनवरी । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि संगम नगरी प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरु होने वाला दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महाकुंभ न सिर्फ आस्था और आधुनिकता का समागम सिद्ध होगा बल्कि यह राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक बनेगा।
    दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे श्री योगी ने आज महाकुंभ कार्य का निरीक्षण किया। बाद में डिजिटल मीडिया सेंटर में उन्होने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महाकुंभ का आयोजन ऐसा अविस्मरणीय होगा कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को उसकी जीवंत पवित्रता और रोमांच का लंबे समय तक अनुभव होगा।
     उन्होंने कहा कि 2019 के कुंभ की तुलना में 2025 का कुंभ बेहतरीन होगा। दो गुना कार्य होता हुआ दिख रहा है।
दिव्य, भव्य, अत्याधुनिक रूप से श्रद्धालुओं का स्वागत कर रहा है। महाकुंभ 10 हजार एकड़ क्षेत्रफल में मेला बसाया गया है। महाकुंभ भारत, भारतीयता, सम्मान और गौरव का साक्षी बनने जा रहा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 से पहले जिन लोगों को भारतीय आस्था के सम्मान के बारे में उसकी कोई कीमत नहीं समझते थे, उन लोगों ने गंदगी और अव्यवस्था का पर्याय बनाया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी के मार्ग दर्शन में 2019 का कुंभ पवित्रा की मानस पर एक नई प्रतीक बना। गंगा और यमुना के जल को शुद्धता मिली।
    उन्होंने कहा कि यह डिजिटल मीडिया सेंटर 45 दिन तक चलने वाले महाकुम्भ की महागाथा को पूरी दुनिया में प्रसारित करने के लिए एक उत्कृष्ट केंद्र बनेगा। यहां सूचनाओं को संकलित करने, उन्हें प्रसारित करने के लिए वर्ल्ड क्लास की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। यह महाकुम्भ के लिए पूरी दुनिया से आ रहे श्रद्धालुओं की सूचनाओं का भी प्रमुख केंद्र होगा। इसके माध्यम से डबल इंजन की सरकार द्वारा महाकुम्भ में श्रद्धालुओं को दी जा रही सुविधाओं, व्यवस्थाओं और सुरक्षा से संबंधित जानकारी लोगों तक पहुंचेगी और महाकुम्भ की एक सकारात्मक छवि उभरकर सामने आएगी।
    उन्होंने कहा कि महाकुंभ दो लाख करोड़ से अधिक अर्थव्यवस्था में योगदान करने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार के शासनकाल में 2019 की तुलना में 2025 का महाकुंभ अद्वतीय होने जा रहा है। प्रयागराज को नई ऊचाइयां मिल रही है।  
श्री योगी महाकुंभ मेला क्षेत्र में अखाडों में जाकर संतों से मुलाकात करके मेले की तैयारियों की जानकारी हासिल किया और उनके साथ भोजन ग्रहण किया।
   इस अवसर पर उन्होने महाकुंभ में “अमृत स्नान” की तारीखों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में छह स्नान पर्व हैं जिसमें 13 जनवरी पौष पूर्णिमा, 14 जनवरी मकर संक्रांति, 29 जनवरी मौनी अमावस्या, तीन फरवरी वसंत पंचमी, 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 26 फरवरी महाशिवरात्रि है। अमृत स्नान (शाही स्नान) मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी है।
     उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति को बडी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। मौनी अमावस्या के अवसर पर करीब आठ से 10 करोड़ लोगों के महाकुंभ में पहुंचने की संभावना है। वसंत पंचमी के अवसर पर पांच से छह करोड श्रद्धालुओं के संगम में आस्था की डुबकी लगाने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Designed and Developed by Prakhar Dixit