दिल्ली की आबकारी नीति पर कैग की रिपोर्ट को लेकर भाजपा-आप में छिड़ी जुबानी जंग

दिल्ली की आबकारी नीति पर कैग की रिपोर्ट को लेकर भाजपा-आप में छिड़ी जुबानी जंग

नयी दिल्ली 11 जनवरी। दिल्ली सरकार की विवादास्पद आबकारी नीति पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की कथित रूप से लीक हुई रिपोर्ट को लेकर भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच शनिवार को जुबानी जंग शुरू हुई।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के बीच भाजपा ने आप के संयोजक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला करते हुये कहा कि आप ने दिल्ली में पाठशाला बनाने का वादा करके जगह-जगह मधुशाला खुलवा दीं, आप ने भाजपा पर पलटवार करते हुये कहा कि भाजपा झूठे कागज अपने दफ्तर में बनाती है, उसी को दिखाकर आरोप लगाती है और फिर भाग जाती है।
भाजपा नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शराब घोटाले को लेकर कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुये भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा, “ वर्ष 2025 चल रहा है, लेकिन मैं 2026 की बात करने आया हूं, क्योंकि 2025 वित्तीय वर्ष है और शराब घोटाला 2026 करोड़ रुपये का है। ये झाड़ू से दारू पर आये गये।”
उन्होंने आप को दिल्ली की आपदा बताते हुये कहा, “ आपदा का जाना जरूरी है, उस पार्टी के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री जेल गये। कोविड के समय सुविधाओं की कमी थी, जनता त्रस्त थी, लेकिन आम आदमी पार्टी मस्त थी, क्योंकि उस समय शराब घोटाले का ताना-बाना बुना जा रहा था। शराब घोटाले के किंगपिन श्री अरविंद केजरीवाल हैं। इस घोटाले में 2026 करोड़ रुपये के राजस्व की हानि हुई है। ”
भाजपा सांसद ने कहा, “ दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार के 10 सालों की ये यात्रा घोटालों की है। ये स्वराज की बात करते थे, लेकिन स्वराज से शराब पर आये, इनके आठ मंत्री, 15 विधायक, एक सांसद और यहां तक कि मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री भी जेल गये। हिंदुस्तान में आजादी के बाद कोई ऐसी सरकार नहीं होगी, जिसने इतने पाप किये होंगे, जितने आप ने किये हैं। ”
आप के प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने भाजपा के आरोप पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा झूठे कागज जो अपने दफ्तर में बनाती है, उसी को दिखाकर आरोप लगाती है और फिर भाग जाती है।
सुश्री कक्कड़ ने कहा, “ भाजपा के भाई-भतीजावाद के एक बड़े चेहरे ने एक प्रेस वार्ता की है। मुझे लगा शायद भाजपा सामने आयेगी और ‘वोटर एडिशन और वोटर डिलीशन’ (मतदाता सूची में नाम काटने-जोड़ने) के मामले में सफाई देगी। वह बतायेगी कि कैसे दिल्ली में नयी दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में ही एक ही घर के पते पर कई-कई वोट जोड़ने की अर्जी दी गयी।
उन्होंने सवाल किया, “ मुझे लगा कि भाजपा बतायेगी कि दिल्ली में उनकी पार्टी का एजेंडा क्या है? दिल्ली में भाजपा का मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन है? पर भाजपा ने यह सब नहीं किया और वहीं पुराने आरोप लगाये। ”
आप प्रवक्ता ने कहा, “आज कागज लहराकर कहा गया कि ये कैग की रिपोर्ट है। सवाल उठाता है कि कैग की रिपोर्ट जो न अब तक मुख्यमंत्री ने देखी, न उप-राज्यपाल ने देखी, न तो विधानसभा अध्यक्ष ने देखी और न ही कैग की वेबसाइट पर वह उपलब्ध है। ऐसी कौन सी रिपोर्ट उनके पास आ गयी, जिसको लेकर वह इतना बड़ा आरोप लगा रहे हैं। यह वही कागज है, जो भाजपा अपने दफ्तर में बनाती है। यह वही कागज है, जिनकी कोई मान्यता नहीं। भाजपा नकली कागज बनाती है और उन पर आरोप लगाकर भाग जाती है। ”
सुश्री कक्कड़ ने कहा, “ केजरीवाल के खिलाफ किसी तरह का कोई प्रमाण नहीं मिला। ऐसा पीएमएलए अदालत के आदेश में लिखा हुआ है। इसके बाद ये आरोप इसलिये लगाये जा रहे हैं, क्योंकि इस एजेंडा हीन, मुद्दा हीन, चेहरा हीन पार्टी के पास झूठ बोलने के अलावा कोई काम नहीं। भाजपा जब मुंह खोलती है तो झूठ बोलती है। ”
उन्होंने कहा, “ अगर घाटे की बात करनी है, तो आइये बात करते हैं कि कैसे गुजरात 4.50 लाख करोड़ रुपये के घाटे में गया, कैसे महाराष्ट्र 4.50 लाख करोड़ रुपये के घाटे में गया, कैसे मध्य प्रदेश 7.50 लाख करोड़ रुपये के घाटे में गया। कैग रिपोर्ट को लेकर बात करते हैं, तो सामने आता है कि दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेस-वे में निर्माण की लागत 550 करोड रुपये थी, लेकिन उसकी लागत बढ़कर 7500 करोड़ रुपए तक पहुंच गई।
उन्होंने कहा कि कैग रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा आयुष्मान भारत के नाम पर अपनी जेब भर रही है। इन सब पर भाजपा चर्चा नहीं करेगी।
सुश्री कक्कड़ ने कहा कि श्री केजरीवाल वह व्यक्ति हैं, जिन्होंने देश के आगे ‘दिल्ली मॉडल’ रखा, जिसके तहत आपको मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी, महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा, बुजुर्गों को मुफ्त तीर्थ यात्रा, अनेक अवसंरचना कार्य किये, विश्व स्तरीय बेहतरीन स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधा  मिली है और फिर भी एक मुनाफे का बजट दिया है।
गौरतलब है कि एक मीडिया संस्थान ने कैग की रिपोर्ट उसके पास होने का दावा करते हुये कहा है कि कैग ने अपनी रिपोर्ट में दिल्ली सरकार की शराब नीति की वजह से 2026 करोड़ रुपये की राजस्व की हानि होने की बात कही है।

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