महाकुम्भ के दौरान संगम में डुबकी लगाने वालों का आंकड़ा 10 करोड़ के पार

महाकुम्भ के दौरान संगम में डुबकी लगाने वालों का आंकड़ा 10 करोड़ के पार

महाकुम्भ नगर 23 जनवरी । महाकुंभ के अवसर पर मोक्ष की अभिलाषा के साथ देश दुनिया के विभिन्न अंचलों से आकर तीर्थराज प्रयागराज में त्रिवेणी में पवित्र डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या गुरुवार दोपहर तक दस करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी थी।
     मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य मां सरस्वती के पवित्र संगम में श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत साधु-संतो, श्रद्धालुओं, कल्पवासियों, स्नानार्थियों और गृहस्थों के स्नान का यह नया रिकॉर्ड है। महाकुम्भ में प्रतिदिन लाखों की संख्या श्रद्धालु पुण्य स्नान का फल प्राप्त कर रहे हैं। सरकार पहले ही 45 दिन तक चलने वाले महापर्व के दौरान 45 करोड़ श्रद्धालुओं के यहां आने का अनुमान व्यक्त कर चुकी है जिसमें अकेले मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर ही दस करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज आगमन के आसार हैं।
       गंगा की रेती पर हजारों कदम चलने के बाद त्रिवेणी के पावन जल में डुबकी लगाने वालों के जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। गुरुवार दोपहर 12 बजे तक 30 लाख लोगों ने त्रिवेणी संगम में स्नान कर लिया। इसमें 10 लाख कल्पवासियों के साथ-साथ देश विदेश से आए श्रद्धालु एवं साधु-संत शामिल रहे। इसके साथ ही महाकुम्भ में 10 करोड़ स्नानार्थियों की संख्या भी पार कर गई। पूरे महाकुम्भ मेला क्षेत्र में भक्तों का तांता लगा रहा। देश के विभिन्न प्रान्तो और विश्व के अनेक देशों से आए श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया।
     संगम के तटों पर इस समय पूरे देश की विविध संस्कृतियों की झलक देखने को मिल रही है। ऊंच नीच, जात पात, पंथ से ऊपर उठकर लोग संगम स्नान कर एकता के महाकुम्भ के संकल्प को साकार कर रहे हैं।
     अब तक के कुल स्नानार्थियों की संख्या का विश्लेषण करें तो 23 जनवरी तक 10 करोड़ से ज्यादा लोग संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। सर्वाधिक 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान किया था, जबकि पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व पर 1.7 करोड़ से ज्यादा लोगों ने पावन डुबकी लगाई थी। इसके अलावा प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु पुण्य स्नान कर रहे हैं।

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