विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं को ओआरएस और ग्लूकोज

विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं को ओआरएस और ग्लूकोज

वाराणसी, 20 मई। भीषण गर्मी के बीच भी श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन करने वाले श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है। मंदिर न्यास की ओर से दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत देने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। धाम में विभिन्न स्थानों पर ओआरएस घोल एवं ग्लूकोज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे दर्शनार्थियों को भीषण गर्मी में राहत मिल सके।किसी भी आपात या विषम परिस्थिति से निपटने के लिए मंदिर न्यास द्वारा आरोग्य केंद्र, एंबुलेंस एवं प्रशिक्षित कर्मियों की व्यवस्था भी की गई है। यदि किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होती है तो उन्हें तत्काल चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराते हुए अस्पताल पहुँचाकर उपचार कराया जा रहा है।

कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि श्रद्धालुओं के पैरों को गर्म फर्श से सुरक्षित रखने के लिए सम्पूर्ण धाम परिसर में उच्च गुणवत्ता वाली जूट मैट बिछाई गई है। दर्शन पथ पर पर्याप्त छाया उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जर्मन हैंगर एवं टेंसाइल स्ट्रक्चर लगाए गए हैं। साथ ही वातावरण की तपिश कम करने और श्रद्धालुओं को शीतलता प्रदान करने के लिए मिस्ट फैन भी स्थापित किए गए हैं।वर्तमान में जनपद वाराणसी सहित सम्पूर्ण क्षेत्र में भीषण गर्मी और हीट वेव की स्थिति बनी हुई है। तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। ऐसी विषम परिस्थितियों के बावजूद बाबा श्री काशी विश्वनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था निरंतर बनी हुई है। प्रतिदिन औसतन लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालु श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए पधार रहे हैं।श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा धाम परिसर में व्यापक और विशेष व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। मंदिर न्यास द्वारा निर्धारित एसओपी के अंतर्गत धाम परिसर के विभिन्न स्थलों पर शुद्ध आरओ वाटर कूलर स्थापित किए गए हैं। जिन स्थानों पर वाटर कूलर उपलब्ध नहीं हैं, वहाँ बड़े मटकों में ठंडे जल की व्यवस्था की गई है तथा मंदिर कर्मियों द्वारा निरंतर श्रद्धालुओं को गिलासों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से श्रद्धालुओं से अपील किया गया है कि वे अत्यधिक गर्मी वाले दोपहर के समय दर्शन हेतु आने से यथासंभव बचें तथा घर से भोजन एवं पर्याप्त जल ग्रहण कर ही यात्रा प्रारंभ करें। वृद्ध, अशक्त एवं अस्वस्थ व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

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