
जयपुर, 20 मई । कप्तान ऋषभ पंत लखनऊ सुपर जायंट्स की 13 मैचों में नौवीं हार के बाद पोस्ट मैच प्रजेंटेशन में टीम के लिए अपशब्द बोल गए।आईपीएल 2026 में वे प्लेऑफ़ की दौड़ से बहुत पहले ही बाहर हो चुके हैं। टीम फ़िलहाल अंक तालिका में सबसे नीचे है और अब इस सीजन के ख़त्म होने से पहले उन्हें सिर्फ़ एक आख़िरी मैच की औपचारिकता पूरी करनी है।
पंत शनिवार को पंजाब किंग्स के ख़िलाफ़ होने वाले मैच को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे, जब उन्होंने कहा, “हम एक टीम के तौर पर गर्व महसूस करते हैं, चाहे अभी हमारी स्थिति कैसी भी हो। हमारी टीम जैसी है, हमें पता है कि हम जीत सकते हैं। चाहे कुछ भी हो, हम टीम और खिलाड़ी के तौर पर बहुत आत्मविश्वासी हैं। चीज़ें हमारे हिसाब से नहीं गईं और ये सब जानते हैं, लेकिन इससे ये सच नहीं बदलता कि हम एक (अपशब्द) अच्छी टीम हैं।”
एलएसजी की सबसे बड़ी समस्या उनकी बल्लेबाज़ी रही है। खुद पंत का सीज़न बेहद खराब रहा है, जहां उन्होंने 12 पारियों में सात बार 20 या उससे कम रन बनाए। उनके आसपास के बड़े खिलाड़ी, जैसे- निकोलस पूरन भी फ़ॉर्म में नहीं दिखे। यहां तक कि मिचेल मार्श, जिन्होंने हाल ही में शतक लगाया था और मंगलवार को 96 रन बनाए, उनका भी इस आईपीएल में आगाज़ धीमा रहा था। टीम डायरेक्टर टॉम मूडी ने माना कि ख़ासकर मध्य क्रम का ख़राब प्रदर्शन, टीम के इस औसत प्रदर्शन की बड़ी वजह रहा, जिसकी वजह से टीम लगातार अंक तालिका के निचले हिस्से में रही।
हालांकि राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के ख़िलाफ़ बल्लेबाज़ों ने ठीक प्रदर्शन किया, लेकिन गेंदबाज़ वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल के सामने बुरी तरह दबाव में आ गए। सूर्यवंशी ने 38 गेंदों में 93 रन बनाए, जबकि जायसवाल ने 23 गेंदों में 43 रन की पारी खेली। आरआर के सलामी बल्लेबाज़ों ने 221 रन के लक्ष्य में से 75 रन सिर्फ़ 39 गेंदों में ही जोड़ दिए।
पंत ने अपनी टीम का बचाव करते हुए कहा, “कभी-कभी मुश्किल हो जाता है। ऐसी सपाट विकेट पर गेंदबाज़ों के पास बहुत कम गुंजाइश होती है और बहुत ज़्यादा सलाह देना काम नहीं करता। कभी-कभी आपको प्लान को आसान रखना पड़ता है, हर गेंद पर ध्यान देना होता है और उसी प्लान को सही तरीके से लागू करने की कोशिश करनी होती है।”
सूर्यवंशी के 14वें ओवर तक टिके रहने और तेज़ी से रन बनाने की वजह से पंत अपने उपलब्ध गेंदबाज़ों में से एक बाएं हाथ के स्पिनर शहबाज़ अहमद का इस्तेमाल नहीं कर सके। शहबाज़ को मैच का आख़िरी ओवर मिला, जब आरआर को जीत के लिए सिर्फ़ दो रन चाहिए थे।
पंत ने कहा, “बिल्कुल, सामने बाएं हाथ के बल्लेबाज़ थे और वे काफ़ी देर से बल्लेबाज़ी कर रहे थे। ऐसे में बाएं हाथ के स्पिनर को मैं आक्रमण पर नहीं लाना चाहता था, क्योंकि (दिग्वेश) राठी (4-0-38-0) टीम में थे। तो फिर जब राठी मौजूद हैं, तो शाहबाज़ पर जोखिम क्यों लिया जाए?