
लखनऊ, 21 मई। उत्तर प्रदेश में अब आम लोग भी अपना संग्रहालय खोल सकेंगे। प्रदेश सरकार ने ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के तहत पब्लिक म्यूजियम को बढ़ावा देने की पहल शुरू की है।इसके तहत नागरिक, परिवार, ट्रस्ट, शैक्षणिक संस्थान और निजी संगठन ऐसे संग्रहालय स्थापित कर सकेंगे, जहां इतिहास, संस्कृति, अध्यात्म, साहित्य, लोक परंपराओं और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी दुर्लभ धरोहर आम लोगों और पर्यटकों के लिए प्रदर्शित की जा सकेगी। प्रदेश सरकार का मानना है कि इससे सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा नई पीढ़ी अपनी विरासत से जुड़ सकेगी।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने गुरुवार को बताया कि उप्र पर्यटन नीति के तहत ‘पब्लिक म्यूजियम’ को पात्र पर्यटन इकाई का दर्जा दिया गया है, जिससे अब निवेशक निजी या लीज की भूमि पर भी संग्रहालय स्थापित कर सकेंगे। न्यूनतम 5,000 वर्ग फीट प्रदर्शनी क्षेत्र और पार्किंग जैसी सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट्स को सरकार की ओर से सब्सिडी और पर्यटन प्रचार का लाभ मिलेगा।उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक परिवारों, संस्थानों और समुदायों के पास साहित्य, अध्यात्म, लोक परंपराओं, स्वतंत्रता आंदोलन और क्षेत्रीय इतिहास से जुड़ी अमूल्य धरोहरें हैं, जो अब संग्रहालयों के माध्यम से सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होकर नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ सकेंगी।’
इस मॉडल से ऐसे परिवारों और संस्थाओं को प्रोत्साहन मिलेगा, जिनके पास ऐतिहासिक वस्तुएं, पांडुलिपियां, दुर्लभ तस्वीरें, पारंपरिक कलाकृतियां और अभिलेख आदि मौजूद हैं। वे अब इन संग्रहों को पब्लिक म्यूजियम के माध्यम से सार्वजनिक अनुभव का हिस्सा बना सकेंगे। खास बात यह है कि टिकट दरें तय करने का अधिकार संग्रहालय संचालकों के पास होगा। इससे पर्यटन क्षेत्र में निवेश और नए प्रयोगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।पर्यटन मंत्री ने बताया कि राज्य में अब पब्लिक म्यूजियम खोलना सामाजिक पहल के साथ-साथ फायदे का सौदा भी साबित होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ऐसी पर्यटन इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन देने जा रही है। निवेशकों और उद्यमियों को प्रथम लेनदेन तक स्टाम्प शुल्क में छूट, भूमि उपयोग परिवर्तन एवं विकास शुल्क में राहत के साथ पूंजीगत सब्सिडी अथवा ब्याज सब्सिडी में से किसी एक का लाभ मिलेगा।’
10 लाख से 10 करोड़ रुपए तक के निवेश पर 25 प्रतिशत की सब्सिडी (अधिकतम 02 करोड़ रुपए), 50 करोड़ रुपए तक के निवेश पर 20 फीसदी (अधिकतम 7.5 करोड़ रुपए), 200 करोड़ रुपए तक के निवेश पर 15 प्रतिशत (अधिकतम 20 करोड़ रुपए), 500 करोड़ रुपए तक के निवेश पर 10 फीसद (अधिकतम 25 करोड़ रुपए) और 500 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर भी 10 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम 40 करोड़ रुपए) दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, 100 प्रतिशत स्टांप शुल्क में छूट और सभी पर्यटन इकाइयों के लिए भूमि परिवर्तन एवं विकास शुल्क में पूर्ण छूट का भी प्रावधान है। इसके अलावा, अनुसूचित जाति/जनजाति एवं महिला उद्यमियों को 5 प्रतिशत की अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान की जाएगी।अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश सरकार संग्रहालयों की वृहद श्रृंखला के अंतर्गत ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन म्यूजियम’ (ओडीओएम) की रूपरेखा तैयार कर रही है। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग का प्रयास है कि संग्रहालय युवाओं को अपनी समृद्ध विरासत, इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों से भी जोड़ने का सशक्त माध्यम बने। हाल ही में ‘विजिट माय स्टेट’ को बढ़ावा देते हुए प्रदेश के संग्रहालयों में निःशुल्क प्रवेश का प्रावधान किया गया है। राज्य के संग्रहालय सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम बनेंगे।’