अमेरिका की हिन्द प्रशांत नीति में भारत का विशेष स्थान : रूबियो

अमेरिका की हिन्द प्रशांत नीति में भारत का विशेष स्थान : रूबियो

नयी दिल्ली 23 मई। क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की मंगलवार को होने वाली बैठक से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका की हिन्द प्रशांत क्षेत्र नीति में भारत का विशेष स्थान है।उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और अमेरिका की मजबूती से विश्व को फायदा होगा।अपनी पहली भारत यात्रा पर आये श्री रूबियो ने विदेश मंत्री डा एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता से पहले रविवार को यहां अमेरिकी दूतावास में नये कार्यालय का उद्घाटन किया।मंगलवार को यहां होने वाली क्वाड की बहुप्रतीक्षित बैठक से पहले श्री रूबियो के हिन्द महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका के बारे में दिये गये बयान को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।उन्होंने कहा कि उनके विदेश मंत्री बनने के बाद क्वाड की पहली बैठक का भारत में होना मात्र संयोग नहीं है बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि हिन्द महासागर क्षेत्र को लेकर अपनी रणनीति में अमेरिका भारत को कितना महत्वपूर्ण मानता है।श्री रूबियो ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध निरंतर मजबूत हो रहे हैं और भारतीय कंपनियों की अमेरिका में 20 अरब डालर से अधिक का निवेश करने की घोषणा इसकी पुष्टि करती है।भारत और अमेरिका संबंधों में प्रगाढता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये सही दिशा में आगे बढ रहे हैं और इनमें अनेक संभावनाएं देखी जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इन संबंधों को मजबूत बनाने के लिए आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण घोषणा किये जाने की संभावना है।विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच घनिष्ठ संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये राष्ट्रपति ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही अब तक चले आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के दृष्टिकोण में गंभीरता है।

इससे पहले श्री रूबियो ने राजदूत गोर के साथ प्रधानमंत्री मोदी से भेंट की और रक्षा, रणनीतिक प्रौद्योगिकी, व्यापार और निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, कनेक्टिविटी, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में लगातार हो रही प्रगति के बारे में जानकारी दी। विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अमेरिका का दृष्टिकोण साझा किया। श्री रूबियो ने श्री मोदी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अमेरिका आने का निमंत्रण भी दिया।श्री मोदी ने कहा कि दोनों ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में लगातार हो रही प्रगति और क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति तथा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। भारत और अमेरिका वैश्विक भलाई के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।

विदेश मंत्रालय ने क्वाड बैठक के बारे में जानकारी देते हुए शुक्रवार को कहा था कि बैठक में मुक्त और खुले हिन्द-प्रशांत क्षेत्र और अन्य पारस्परिक महत्व के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हाल के घटनाक्रमों पर विचार किया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि श्री रूबियो के अलावा क्वाड के दो अन्य सदस्यों ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भी विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के निमंत्रण पर यहां आ रहे हैं।मंत्रालय ने कहा है कि सभी सदस्य देश मुक्त और खुले हिन्द-प्रशांत के लिए क्वाड की परिकल्पना के अनुरूप पिछले वर्ष एक जुलाई को वॉशिंगटन में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाएंगे। वे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में क्वाड सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इसके अलावा सदस्य मौजूदा क्वाड पहलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे, तथा हिन्द-प्रशांत क्षेत्र और अन्य पारस्परिक महत्व के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हाल के घटनाक्रमों पर विचार करेंगे।

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