ईरान के साथ अच्छी तरह बढ़ रही है बातचीत, हो सकता है पश्चिम एशिया का ‘सबसे ऐतिहासिक समझौता’ : ट्रंप

ईरान के साथ अच्छी तरह बढ़ रही है बातचीत, हो सकता है पश्चिम एशिया का ‘सबसे ऐतिहासिक समझौता’ : ट्रंप

वॉशिंगटन, 25 मई।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत ‘अच्छी तरह आगे बढ़ रही है’ और यदि समझौता हुआ तो वह पश्चिम एशिया के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक समझौता साबित हो सकता है।श्री ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि यह समझौता ‘सभी के लिए महान’ होगा, अन्यथा क्षेत्र फिर बड़े और अधिक खतरनाक युद्ध की ओर लौट सकता है, जिसे कोई नहीं चाहता।

उन्होंने बताया कि शनिवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हम्माद अल सानी, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, तुर्की के राष्ट्रपति तैयब एर्दोआन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय और बहरीन के शाह हमद बिन ईसा अल खलीफा सहित कई नेताओं से उनकी बातचीत हुई।श्री ट्रंप ने कहा कि अमेरिका द्वारा क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए किये गये प्रयासों के बाद यह आवश्यक होना चाहिए कि संबंधित सभी देश एक साथ अब्राहम समझौते (अब्राहम अकॉर्ड्स) पर हस्ताक्षर करें।

उन्होंने कहा कि सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और जॉर्डन जैसे देशों को भी इस समझौते का हिस्सा बनना चाहिए, जबकि संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन पहले से इसके सदस्य हैं।श्री ट्रंप ने कहा कि कुछ देशों के पास इसमें शामिल न होने के अपने कारण हो सकते हैं, लेकिन अधिकांश देश इस समझौते का हिस्सा बनने के लिए तैयार और इच्छुक होने चाहिए, ताकि ईरान के साथ संभावित समझौता और अधिक ऐतिहासिक बन सके।

उन्होंने दावा किया कि अब्राहम समझौतों ने संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, मोरक्को, सूडान और कजाखस्तान जैसे सदस्य देशों को आर्थिक, वित्तीय और सामाजिक रूप से बड़ा लाभ पहुंचाया है और संघर्ष एवं युद्ध के बावजूद किसी सदस्य देश ने इससे अलग होने की बात तक नहीं की।श्री ट्रंप ने कहा कि यह समझौता पश्चिम एशिया में ‘पिछले 5000 वर्षों में पहली बार वास्तविक शक्ति, स्थिरता और शांति’ ला सकता है।

उन्होंने कहा कि यदि ईरान अमेरिका के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करता है तो उसे भी अब्राहम समझौते का हिस्सा बनने के लिए सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाएगा।श्री ट्रंप ने कहा, “ यदि ऐसा होता है तो यह वास्तव में कुछ विशेष होगा। यह उन देशों द्वारा किया गया सबसे महत्वपूर्ण समझौता होगा, जो लंबे समय से संघर्षों में उलझे रहे हैं। ”

उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे संबंधित देशों को ऐतिहासिक अब्राहम समझौते में शामिल कराने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करें और उसे सफलतापूर्वक पूरा करें।

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