
शाहजहांपुर, 27 मई। पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री एवं मुमुक्ष आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने बुधवार को लगभग 550 करोड़ रुपये मूल्य की मुमुक्ष आश्रम की संपत्ति स्वामी सुखदेवानंद विश्वविद्यालय के नाम राज्य सरकार को दान कर दी।स्वामी चिन्मयानंद तहसील सदर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने औपचारिक प्रक्रिया पूरी करते हुए मुमुक्ष आश्रम की समस्त भू-संपत्तियां स्वामी सुखदेवानंद विश्वविद्यालय के नाम हस्तांतरित कर दीं। बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी होते ही संपत्ति का पंजीकरण विश्वविद्यालय के नाम दर्ज हो गया। राज्यपाल की ओर से उच्च शिक्षा विभाग, बरेली के प्रोफेसर सुधीर चौहान ने रजिस्ट्री स्वीकार की।
इस अवसर पर स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि शिक्षा से बड़ी कोई सेवा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि जब स्वामी सुखदेवानंद डिग्री कॉलेज की स्थापना की गई थी, तब क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बेहद चिंताजनक था और युवाओं के हाथों में हथियार दिखाई देते थे, लेकिन आज वही युवा शिक्षा और रोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि यह संपत्ति सरकार को नहीं बल्कि समाज को समर्पित की जा रही है। विश्वविद्यालय के माध्यम से युवाओं को शैक्षिक एवं व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
स्वामी चिन्मयानंद ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें विश्वविद्यालय का कुलाधिपति बनने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने मुख्यमंत्री की शिक्षा और विकास संबंधी नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।