उत्तर प्रदेश में आज शाम से शुरु होगा आंधी,बारिश का सिलसिला

उत्तर प्रदेश में आज शाम से शुरु होगा आंधी,बारिश का सिलसिला

लखनऊ, 28 मई । प्रचंड गर्मी और लू की मार झेल रहे उत्तर प्रदेश में गुरुवार शाम से आंधी,तूफान और बारिश का सिलसिला शुरु होने के आसार जताये गये हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार आंधी बारिश का दौर कम से कम 31 मई तक जारी रहने का अनुमान है। इस अवधि में लू के पूरी तरह खत्म होने और तापमान में आठ से दस डिग्री तक गिरावट के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मौसम के अत्यंत सक्रिय रहने की चेतावनी जारी करते हुए कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। विभाग ने प्रदेश में तेज आंधी, गरज-चमक, वज्रपात, ओलावृष्टि और भारी वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक हिस्सों में 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर हवा की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। इसके साथ ही कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा तथा ओलावृष्टि होने की संभावना व्यक्त की गई है।विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए कहा है कि खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। किसानों को भी खेतों और खुले स्थानों में काम करते समय सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

आईएमडी की कृषि परामर्श रिपोर्ट में कहा गया है कि तेज आंधी और भारी बारिश से गन्ना, मक्का, उड़द, मूंग, मूंगफली और सूरजमुखी जैसी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। तेज हवाओं के कारण फसल गिरने, तना टूटने और जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। किसानों को खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने तथा फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है।रिपोर्ट के अनुसार भिंडी, तरोई, खीरा, तरबूज, खरबूजा, कद्दू, लौकी, टमाटर, प्याज, बैंगन, मिर्च, गाजर और मूली जैसी सब्जियों में रोग फैलने और फलों के खराब होने की आशंका है। मौसम विभाग ने किसानों को फफूंदनाशक का छिड़काव करने और जलभराव से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

फल उत्पादकों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। विभाग के मुताबिक आम, केला और पपीता जैसी फसलों में फल गिरने और शाखाएं टूटने का खतरा बढ़ सकता है। किसानों को पेड़ों को सहारा देने तथा क्षतिग्रस्त फलों को हटाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि खलिहानों और कृषि मंडियों में खुले में रखे कृषि उत्पादों को सुरक्षित स्थानों पर भंडारित किया जाए ताकि वर्षा और ओलावृष्टि से नुकसान न हो।

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