
हमीरपुर, 30 मई । उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मोराकांदर गांव में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल की कोठी गिरने से छह मजदूरों की मौत के मामले ने शनिवार को नया मोड़ ले लिया। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ब्रजलाल खाबरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने घटनास्थल का दौरा किया और मलबे में अन्य शव दबे होने की आशंका जताते हुए धरना दिया। बाद में प्रशासन के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया। कांग्रेस के पूर्व विधायक गयादीन अनुरागी ने बताया कि कांग्रेस नेताओं ने सबसे पहले जिलाधिकारी अभिषेक गोयल को ज्ञापन सौंपकर मृतक मजदूरों के परिजनों को दी गई पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि को अपर्याप्त बताते हुए प्रत्येक परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा तथा एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवारों को अधिकतम संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।इसके बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल घटनास्थल पर पहुंचा। जिलाध्यक्ष गोविंद अहिरवार ने बताया कि मलबे के आसपास से तेज दुर्गंध आ रही थी, जिससे वहां मौजूद लोगों को सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। पूर्व विधायक जगदीश नारायण शर्मा ने दावा किया कि मलबे में अभी भी कुछ शव दबे हो सकते हैं और उनकी तलाश के लिए व्यापक स्तर पर खोज अभियान चलाया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सेतु निगम घटना के संबंध में पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहा है। इसको लेकर कार्यकर्ता लगभग डेढ़ घंटे तक घटनास्थल पर धरने पर बैठे रहे। बाद में प्रशासन द्वारा बड़ी मशीनों की सहायता से पुनः खोजबीन कराने का आश्वासन दिए जाने पर धरना समाप्त कर दिया गया।पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ब्रजलाल खाबरी ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा तीन दिन पहले तेज आंधी और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई थी, इसके बावजूद मजदूरों से कार्य क्यों कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्घटना केवल तेज आंधी का परिणाम नहीं बल्कि निर्माण कार्य में संभावित अनियमितताओं का भी मामला हो सकता है। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने निर्माणाधीन पुल के उस हिस्से का भी निरीक्षण किया जहां कोठी गिरने की घटना हुई थी। इस दौरान सूर्य किशोर तिवारी, आशाराम अहिरवार, अज्जू गुप्ता, उज्ज्वल पाठक, नीलम निषाद, दिनेश सिंह, धीरेंद्र पांडेय, शैलेंद्र प्रजापति, हिमांशु सैनी, प्रिया द्विवेदी, शकील अहमद, दीपक चक्रवर्ती सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।