वन्य जीव गलियारे में बढ़ी जंगली पशुओं की गतिविधियां और संरक्षण

वन्य जीव गलियारे में बढ़ी जंगली पशुओं की गतिविधियां और संरक्षण

सहारनपुर,31 मई । दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे पर मोंहड में 12 किलोमीटीर लंबा एशिया का सबसे बड़ा वन्य जीव हरित गलियारा राजाजी टाइगर रिजर्व और शिवालिक के जंगलों से गुजरने वाले जानवरों को बिना किसी बाधा के सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्राप्त होने से वहां उनका संरक्षण और गतिविधियां एवं सुरक्षित भ्रमण बढ़ा है।ध्यान रहे इस एक्सप्रेस वे का उद्घाटन 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। शिवालिक वन प्रभाग के डीएफओ विपुल सिंघल ने रविवार को बताया कि इस गलियारे के नीचे 60 से 70 किमी. लंबी हरित पट्टी है। जिस पर हरिद्वार से लेकर हरियाणा के कलेसर तक वन्य मार्ग पर हाथी, चीता, तेंदुआ, सांभर, चितल, नीलगाय, गोल्डन जैकाल आदि 18 तरह के वन्य जीव सुरिक्षत भ्रमण कर रहे हैं। पूर्व वन संरक्षक वीरेंद्र जैन ने बताया कि पहले जो सड़क मार्ग था उस पर बड़ी संख्या में जंगली पशु दुर्घटनाओं का शिकार होते थे। अब वे हादसे पूरी तरह से रूक गए है। वाहनों का शोर और लाइट वन्य जीवों को किसी भी तरह की बाधा पैदा नहीं करता है। 370 मीटर लंबी सुरंग, छह एनीमल अंडरपास वन्य पशुओं को भारी राहत देते हैं। जंगली जानवरों का सुरक्षित

विचरण बढ़ा है। मनुष्य और पशु टकराव की घटनाओं पर रोक लग गई है। पूर्व वन संरक्षक वीरेंद्र कुमार जैन और पूर्व कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि इसएक्सप्रेस वे की योजना बनाई जा रही थी तो उन्होंने वन्य जीव गलियारे के निर्माण को लेकर वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट से बाकायदा अध्ययन कराया था।

पूरी योजना कारगर साबित हुई है। उसके शानदार नतीजे सामने आ रहे हैं।

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