
देहरादून, 31 मई। उत्तराखंड में पिछले लगभग 48 घंटों से मौसम के बदले मिजाज ने सब कुछ अस्तव्यस्त कर दिया है। शनिवार को तीसरे पहर से लगातार हुई बारिश और ऊंचाई वाले स्थानों पर हिमपात के कारण सिक्खों के तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा, हिन्दुओं के पवित्र धाम श्री केदारनाथ और श्री तुंगनाथ धाम की यात्रा कई घण्टों तक सुरक्षा कारणों से रोकना पड़ा। केदारनाथ की यात्रा पर सोनप्रयाग से लगभग तीन घंटे बाद धीरे धीरे श्रद्वालुओं को भेजा जाना शुरू किया गया है।लगातार हो रही बारिश और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने रविवार को एहतियातन केदारनाथ यात्रा को कुछ समय के लिए रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि मौसम की स्थिति सामान्य होने पर यात्रा सुचारु रूप से पुनः संचालित की जाएगी। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पूर्व मौसम की ताज़ा जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
रूद्रप्रयाग से मिली जानकारी के अनुसार, मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुरूप जनपद में भारी वर्षा, आंधी-तूफान एवं अन्य प्रतिकूल मौसम गतिविधियों की प्रबल संभावना व्यक्त करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। संभावित आपदा परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है।जिलाधिकारी विशाल मिश्रा द्वारा स्वयं लगातार मौसम की स्थिति, यात्रा मार्गों एवं संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी की जा रही है। उच्च अधिकारियों के निर्देशों के क्रम में यात्रा मार्ग पर संचालित सभी यात्रियों को तत्काल प्रभाव से निकटतम होल्डिंग स्थल एवं सुरक्षित स्थानों पर रोके जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। विशेष रूप से सोनप्रयाग, गौरीकुंड सहित सभी भूस्खलन संभावित सेक्टरों में तैनात सेक्टर अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मौसम सामान्य होने तक किसी भी यात्री को आगे न बढ़ने दिया जाए तथा उन्हें निर्धारित होल्डिंग क्षेत्रों में सुरक्षित रूप से ठहराया जाए।