
नयी दिल्ली, 01 जून। आयात पर प्राप्त कर राजस्व में 19 प्रतिशत के जबरदस्त उछाल के कारण इस साल मई में सकल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह 1.94 लाख करोड़ के पार दर्ज किया गया।
वित्त मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों में बताया गया है कि मई में कुल जीएसटी संग्रह 1,94,184 करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल मई के मुकाबले 3.2 प्रतिशत अधिक है। इसमें घरेलू जीएसटी संग्रह 2.6 प्रतिशत घटकर 1,34,530 करोड़ रुपये रह गया जबकि आयातित वस्तुओं पर संकलित जीएसटी की राशि 19.1 प्रतिशत बढ़कर 59,654 करोड़ रुपये दर्ज की गयी। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में आयातित वस्तुओं, विशेषकर कच्चे तेल एवं प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेज उछाल के कारण उन पर जीएसटी की राशि भी उसी अनुपात में बढ़ी है।
सरकार ने कुल 27,281 करोड़ रुपये का जीएसटी रिफंड दिया जो सालाना आधार पर 2.6 प्रतिशत अधिक है। इसमें घरेलू रिफंड 4.3 फीसदी कम होकर 17,030 करोड़ रुपये और निर्यातकों को दिया गया रिफंड 16.6 प्रतिशत बढ़कर 10,250 करोड़ रुपये रहा।
सकल जीएसटी संग्रह में से रिफंड को घटाकर शुद्ध जीएसटी राजस्व 1,66,904 करोड़ रुपये रहा। यह मई 2025 के मुकाबले 3.3 प्रतिशत अधिक है। शुद्ध घरेलू जीएसटी संग्रह 1,17,500 करोड़ रुपये रहा। यह सालाना आधार पर 2.3 प्रतिशत कम है। वहीं, शुद्ध सीमा शुल्क राजस्व 19.7 प्रतिशत बढ़कर 49,403 करोड़ रुपये हो गया।
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीने में सकल जीएसटी संग्रह 6.2 फीसदी बढ़कर 4,36,887 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। इसमें 59,063 करोड़ रुपये की रिफंड की राशि घटा देने पर शुद्ध जीएसटी संग्रह 3,77,824 करोड़ रुपये बना है। रिफंड में सालाना 10.9 प्रतिशत और शुद्ध संग्रह में 5.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है।