
नयी दिल्ली, 03 जून। राष्ट्रीय राजधानी के मालवीय नगर क्षेत्र में एक होटल में बुधवार को भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गयी है, जबकि 16 घायल अस्पताल में भर्ती हैं।हताहतों में कुछ विदेशी नागरिक शामिल हैं। घटना के बाद बाद दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गैर इरादतन हत्या तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है तथा दिल्ली नगर निगम ने घटना के विस्तृत जांच के आदेश दिये हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार आग होटल फ्लोरिश स्टे बी एंड बी के बेसमेंट में संचालित रेस्तरां ‘लेमन ग्रीन’ में लगी थी। होटल में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता था, जिससे आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकलने में भारी कठिनाई हुई। प्रारंभिक जांच में होटल में सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन की बात सामने आयी है। यह भी जानकारी मिली है कि होटल को केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति थी, जबकि वहां करीब 25 कमरे संचालित किये जा रहे थे और लगभग 40 लोग ठहरे हुए थे।
अधिकारियों ने बताया कि भवन का उपयोग स्वीकृत क्षमता से कहीं अधिक किया जा रहा था। बेसमेंट क्षेत्र का भी कथित रूप से रेस्तरां संचालन और अतिथियों के ठहरने दोनों के लिए अनधिकृत उपयोग किया जा रहा था। जांच एजेंसियां अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी और सीमित निकासी मार्गों को हादसे का प्रमुख कारण मानकर जांच कर रही हैं।एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुबह लगभग 8:48 बजे आग लगने की पहली आपातकालीन सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। दिल्ली पुलिस, अग्निशमन सेवा और अन्य आपातकालीन एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया। आठ दमकल वाहनों की मदद से आग पर काबू पाया गया।इस बीच, समीपवर्ती साकेत इलाके में स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ने बताया कि उसके आपातकालीन विभाग में कुल 39 लोगों को लाया गया, जिनमें 18 लोगों को मृत अवस्था में थे। घायलों में से 15 को आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। इनमें से आठ वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पांच लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गयी, जबकि एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को सफदरजंग अस्पताल भेजा गया। अस्पताल ने पुष्टि की है कि हताहतों में भारतीय और विदेशी दोनों नागरिक शामिल हैं।
दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि उन्होंने आयुक्त संजीव खिरवार के साथ घटनास्थल का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को घटना के कारणों और होटल से जुड़ी पूरी जानकारी का पता लगाने के लिए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं।
दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने भी प्रभावित इलाके का दौरा कर आग की चपेट में आए लोगों और उनके परिवारों से मुलाकात की और इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि घटना की गंभीरता बेहद चिंताजनक है। उन्होंने प्रभावित लोगों और स्थानीय निवासियों को पूरी तरह आश्वस्त किया कि इस मामले को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग बहुत तेजी से फैली, जिससे भवन के भीतर अफरा-तफरी मच गयी। स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आपातकालीन सेवाओं के पहुंचने से पहले कई लोगों को बाहर निकाला।
स्थानीय निवासी प्रीति शर्मा ने बताया कि भवन से धमाके जैसी आवाजें सुनाई देने के बाद लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे। उन्होंने कहा, ” मैंने कई धमाकों जैसी आवाजें सुनीं और फिर भवन के अंदर से चीख-पुकार सुनाई दी। लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे और कुछ लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूद रहे थे। चारों ओर अफरा-तफरी थी और स्थानीय लोग फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए दौड़ पड़े।”एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी विशाल कुमार ने बताया कि भवन से घना धुआं निकलता देख स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, “हमने भवन से घना धुआं निकलते देखा और समझ गये कि लोग अंदर फंसे हैं। स्थानीय लोगों ने कंबल और रजाइयां जुटाईं तथा बाहर निकलने की कोशिश कर रहे लोगों की मदद की। हमने खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया और कई लोगों को सुरक्षित निकाला। अंदर से लगातार मदद की आवाजें आ रही थीं और हर व्यक्ति अपनी ओर से मदद करने का प्रयास कर रहा था।”