
नयी दिल्ली 04 जून । पश्चिम एशिया संकट के कारण दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता की स्थिति के बीच सरकार ने कहा है कि देश में सभी तेल रिफाइनरी पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं साथ ही पेट्रोल और डीजल का स्टॉक भी पर्याप्त बना हुआ है।सरकार ने कहा है कि तेल वितरण कंपनियों को हर सिलेंडर पर करीब 700 रुपये तक का घाटा उठाना पड़ रहा है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय , विदेश मंत्रालय तथा अन्य संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को यहां अंतर मंत्रालय ब्रीफिंग में यह जानकारी दी।पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सवालों के जवाब में कहा कि सरकार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अनेक कदम उठा रही है। एलपीजी का आयात बढाने के साथ-साथ देश में भी उत्पादन बढाया जा रहा है और बुधवार को देश में अलग-अलग स्रोतों से करीब 54 टन एलपीजी की निकासी की गयी।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न स्थिति से गैस वितरण एजेन्सियों पर वित्तीय बोढ बढ रहा है और उन्हें एक सिलेंडर पर करीब 700 रुपये तक का घाटा उठाना पड़ रहा है।अधिकारी ने कहा कि पिछले तीन दिनों के दौरान 1.43 करोड़ घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किये गये। अब तक 80 हजार से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन वापस किये हैं।
एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाज़ारी रोकने के लिए पिछले तीन दिनों में चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 1,880 से ज़्यादा जगहों पर छापे मारे गए, जिनमें 2,900 लीटर से ज़्यादा पेट्रोल और 6,350 लीटर डीज़ल ज़ब्त किया गया।अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों या विदेशी ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों पर मौजूद भारतीय नाविकों से जुड़ी किसी भी घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है