बल्लेबाज़ के तौर पर सूर्यकुमार को और मौक़े मिलने चाहिए थे : अश्विन

बल्लेबाज़ के तौर पर सूर्यकुमार को और मौक़े मिलने चाहिए थे : अश्विन

नयी दिल्ली, 07 जून । पूर्व भारतीय स्पिनर आर अश्विन का मानना है कि सूर्यकुमार यादव को बल्लेबाज़ के रूप में ख़ुद को साबित करने के लिए थोड़ा और समय दिया जा सकता था, बजाय इसके कि टी 20 विश्व कप ख़िताब जिताने के सिर्फ़ दो महीने बाद ही उन्हें भारत की टी20 टीम से पूरी तरह बाहर कर दिया जाए।

बल्लेबाज़ के तौर पर सूर्यकुमार का टी 20 विश्व कप साधारण रहा था। उन्होंने 136.72 के स्ट्राइक रेट से 242 रन बनाए थे। इसके बाद आईपीएल में भी वह लय हासिल नहीं कर सके और 147.54 के स्ट्राइक रेट से 270 रन ही बना पाए।

ईएसपीएन क्रिकइंफो के वीडियो शो में अश्विन ने कहा, “देखिए, मुझे लगता है कि यह एक बहुत दिलचस्प मिसाल है। मैं एक पल के लिए ख़ुद को सूर्यकुमार यादव की जगह रखकर सोचता हूं कि इस समय वह कैसा महसूस कर रहे होंगे। मुझे यकीन है कि किसी भी खिलाड़ी को टीम से बाहर किए जाने पर दुखी होने का पूरा हक़ है और अगर वह बुरा महसूस कर रहे हैं, तो यह पूरी तरह जायज़ है।

उन्होंने कहा, “लेकिन जिस तरह यह फ़ैसला लिया गया है, उसे लेकर मुझे थोड़ी झिझक है क्योंकि मैं अपने मन में सोच रहा हूं… अगर मैं ख़ुद को सूर्यकुमार की जगह रखूं तो? ठीक है, मेरी बल्लेबाज़ी का फॉर्म पिछले 18 महीनों या 15 महीनों में मेरा साथ नहीं दे पाया। मैं उस स्तर पर नहीं खेल पाया, जैसा खेल सकता था। लेकिन फिर भी मैं देश के लिए टी 20 विश्व कप जीतने में क़ामयाब रहा।’

“बल्लेबाज़ के तौर पर मेरा विश्व कप बहुत शानदार नहीं रहा, लेकिन टीम के बाक़ी लोगों- कोच, उपकप्तान, सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़, सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ की तरह, क्या मैं भी एक सफल कप्तान नहीं हूं? मैंने भी तो अपनी भूमिका निभाई है।”अश्विन ने आगे कहा कि इतना कठोर फ़ैसला भविष्य के चयन के लिए एक नई मिसाल भी कायम करेगा। उन्होंने कहा, “क्या हम बड़े-बड़े दिग्गज खिलाड़ियों को उनकी जगह रखकर देख सकते हैं? क्या कभी ऐसा हुआ है कि टी 20 विश्व कप जीतने वाले कप्तान को बिना किसी अंतिम चेतावनी के टीम से बाहर कर दिया गया हो? मुझे यकीन है कि उनसे बातचीत हुई होगी, इसको लेकर मुझे कोई संदेह नहीं है। लेकिन चयन के लिहाज़ से यह एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि अगली बार जब भी ऐसा कोई मामला सामने आएगा, तो इसे एक मिसाल के तौर पर देखा जाएगा।”श्रेयस अय्यर को सूर्यकुमार का उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि उन्होंने दो साल से अधिक समय से भारत के लिए कोई टी 20 मैच नहीं खेला था। हालांकि इस दौरान उन्होंने आईपीएल में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को ख़िताब दिलाया और फिर 2025 में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) को फ़ाइनल तक पहुंचाया। अश्विन का कहना है कि नए कप्तान के तौर पर सीधे टीम में आना श्रेयस के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।अश्विन ने कहा, “हाल ही में हमने इस बात पर चर्चा की थी कि श्रेयस अय्यर टी 20 टीम में जगह पाने के हक़दार हैं। मैं पूरी तरह इसके पक्ष में हूं। लेकिन फिर मैं सोचता हूं, अगर मैं उस टी 20 विश्व कप जीतने वाली टीम के बाक़ी 14 खिलाड़ियों में से एक होता, तो शायद मैं एक-दूसरे को देखकर कहता, ‘हम काफ़ी समय से यहां हैं, क्या हमने कप्तानी के लिए पर्याप्त प्रदर्शन नहीं किया है?'”एक बात जो शायद श्रेयस के पक्ष में गई है, वह यह है कि उन्होंने केकेआर के कप्तान के तौर पर आईपीएल ख़िताब जीता है। मैं इस बात पर कोई सवाल नहीं उठाऊंगा कि वह आईपीएल में शानदार कप्तान रहे हैं। उन्होंने कई रणनीतिक फ़ैसले सही लिए हैं। लेकिन इसके साथ-साथ टीम की संस्कृति और ढांचा भी अच्छी तरह स्थापित होना चाहिए। अक्षर पटेल को उपकप्तान बनाया गया था और अगर उपकप्तान को अगला कप्तान नहीं बनाया जा सकता, तो हम फिर पीछे जाकर उन्हीं सवालों को दोबारा उठा रहे हैं।”

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