एनएसई में निवेशक खातों की संख्या 26 करोड़ के पार

एनएसई में निवेशक खातों की संख्या 26 करोड़ के पार

मुंबई, 07 जून। देश के प्रमुख शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ऑफ इंडिया ने जून में 26 करोड़ निवेशक खातों की उपलब्धि हासिल कर ली।एनएसई ने रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि एक्सचेंज पर यूनीक ट्रेडिंग खातों की संख्या 26 करोड़ के आंकड़े को पार कर गयी है। खास बात यह है कि 25 करोड़ से 26 करोड़ का सफर चार महीने से भी कम समय में तय हुआ है जो निवेशकों की भागीदारी में निरंतर वृद्धि दिखाता है। पिछले एक साल में ही 4.3 करोड़ से अधिक निवेशक खाते एक्सचेंज से जुड़ चुके हैं। यह कुल खातों का लगभग 17 प्रतिशत है।

वहीं, 31 मई तक एनएसई में पंजीकृत यूनीक निवेशकों की संख्या 13.1 करोड़ से अधिक थी। ट्रेडिंग खातों की संख्या यूनीक निवेशकों से अधिक है क्योंकि एक निवेशक विभिन्न ब्रोकरों के माध्यम से कई ट्रेडिंग खाते रख सकता है। अप्रैल 2026 में यूनीक निवेशकों की संख्या 13 करोड़ के पार पहुंची थी।निवेशक खातों के मामले में 4.4 करोड़ के साथ महाराष्ट्र पहले स्थान पर है। यह कुल खातों का लगभग 17 प्रतिशत है। इसके बाद लगभग तीन करोड़ (11 प्रतिशत) खातों के साथ उत्तर प्रदेश , 2.2 करोड़ (8.6 प्रतिशत) खातों के साथ गुजरात, 1.5 करोड़ (5.9 प्रतिशत) खातों के साथ पश्चिम बंगाल और 1.5 करोड़ (5.8 प्रतिशत) खातों के साथ राजस्थान का स्थान है। ये पांच राज्य मिलकर देश के लगभग 49 प्रतिशत निवेशक खातों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अतिरिक्त, पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में निवेशक खातों की वृद्धि उल्लेखनीय रही है।

ट्रेडिंग खातों में तेज वृद्धि का मुख्य कारण डिजिटलाइजेशन है। मोबाइल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग तेजी से बढ़ा है और अब नकद बाजार के कुल कारोबार का पांचवें हिस्से से अधिक योगदान मोबाइल ट्रेडिंग के माध्यम से आता है।एनएसई के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी श्रीराम कृष्णन ने 26 करोड़ निवेशक खातों की उपलब्धि को भारतीय पूंजी बाजारों में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण संकेत बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद चार महीने से कम समय में एक करोड़ नये खातों का जुड़ना निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है। मोबाइल ट्रेडिंग, सरल केवाईसी प्रक्रिया और निवेशक जागरूकता अभियानों ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

श्री कृष्णन ने बताया कि निवेश अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों तक फैल रहा है। निवेशक अब इक्विटी, ईटीएफ, आरईआईटी, इनविट, सरकारी बॉन्ड और कॉर्पोरेट बॉन्ड जैसे विभिन्न एक्सचेंज-ट्रेडेड साधनों में निवेश कर रहे हैं। हाल ही में शुरू किये गये इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट ने भी बाजार तक पहुंच को और व्यापक बनाया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *