
लखनऊ, 8 जून। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह जनता दर्शन में प्रदेश भर से आए लोगों की फरियाद सुनी और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का त्वरित और न्यायसंगत निस्तारण हो। उन्होंने खासतौर पर शिक्षा, पुलिस की निष्क्रियता और अवैध कब्जों से जुड़े मामलों पर सख्त रुख अपनाया।जनता दर्शन में लखनऊ की एक युवती अपनी वृद्ध मां के साथ पहुंची। उसने बताया कि उसने इंटरमीडिएट अच्छी अंक संख्या के साथ पास किया है और बीटेक करना चाहती है, लेकिन आर्थिक तंगी आड़े आ रही है।
मुख्यमंत्री ने उसकी मार्कशीट देखी, पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी और भरोसा दिलाया कि लखनऊ के किसी प्रतिष्ठित संस्थान में उसका प्रवेश कराया जाएगा। योगी ने कहा कि सरकार किसी भी गरीब या जरूरतमंद छात्र की शिक्षा को आर्थिक अभाव के कारण बाधित नहीं होने देगी। विभिन्न जिलों से आए फरियादियों ने पुलिस की निष्क्रियता और अवैध कब्जों पर कार्रवाई न होने की शिकायतें पेश कीं।योगी ने हर मामले को ध्यान से सुना और आवेदन वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपते हुए कहा कि इनकी करीबी निगरानी की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पीड़ितों को न्याय मिले और दोषियों पर कार्रवाई हो। शिकायतकर्ताओं को भरोसा दिलाया गया कि उनकी समस्याएं जल्द से जल्द सुलझायी जाएंगी।
कुछ फरियादी सीधे जनता दर्शन में पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने पहले जिला या मंडल स्तर के अधिकारियों को अपनी शिकायत दी है। कई ने बताया कि वे सीधे उनके पास आए हैं। मुख्यमंत्री ने सलाह दी कि भीषण गर्मी में स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पहले जिला और मंडल स्तर पर अपनी बात रखें, क्योंकि कई समस्याएं वहीं हल हो जाती हैं।जनता दर्शन में आए लोगों को मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार हर जरूरतमंद की मदद के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे वह शिक्षा का मामला हो या कानून-व्यवस्था से जुड़ी शिकायत।