
हरदोई 8 जून। उत्तर प्रदेश में हरदोई जिले के शाहाबाद तहसील क्षेत्र के परियल गांव में सोमवार शाम निरीक्षण के दौरान एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है।बाढ़ राहत तैयारियों और सरकारी भवनों के निरीक्षण के दौरान हुए विवाद के बाद भाजपा के जिला पंचायत सदस्य और महिला ग्राम प्रधान के पुत्र की अगुवाई में ग्रामीणों की भीड़ ने उनका पीछा किया और पथराव कर दिया। पत्थर लगने से एसडीएम के सिर में चोट आई, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए सीएचसी शाहाबाद ले जाया गया। जहा से उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कालेज भेजा गया है। पथराव में घायल एसडीएम की हालत सामान्य है। जिला प्रशासन ने घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं जिसके बाद पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील है। गांव के लोग सहित घटना में शामिल लोग फरार है
घटना के बारे में बताया गया कि सोमवार शाम करीब चार बजे शाहाबाद के उपजिलाधिकारी सुशील कुमार मिश्रा बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का जायजा लेने परियल गांव पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गर्रा नदी के किनारे स्थित सिल्ट पट्टे, अन्नपूर्णा भवन और आरआरसी सेंटर का निरीक्षण किया। गांव में भ्रमण के दौरान अन्नपूर्णा भवन के शटर और आरआरसी सेंटर के गेटों में खामियां मिलने पर उन्होंने मौके पर मौजूद महिला ग्राम प्रधान के पुत्र उदयवीर राजपूत से जानकारी मांगी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला और कथित रूप से उनके साथ अभद्रता की गई।उन्होंने प्रधान पुत्र की अपने सरकारी वाहन में बैठा लिया इसके बाद गांव से लोग मौके पर पहुंच गए और माहौल तनावपूर्ण होते देखकर एसडीएम ने प्रधान पुत्र को वाहन से उतार दिया और आगे बढ़ गए। इसी दौरान महिला ग्राम प्रधान शिवरानी और जिला सदस्य लाला राम राजपूत के पुत्र उदयवीर के नेतर्त्व में भीड़ ने एसडीएम के वाहन को दौड़ा लिया तो एसडीएम ने पीछा कर रहे ग्रामीणों से बातचीत के लिए वाहन रुकवा लिया। बातचीत के दौरान अचानक पथराव होने लगा और सरकारी गाड़ी पर भी कई पत्थर मारे गए। पथराव में एसडीएम सर में पत्थर लगने से घायल हो गए और बाकी स्टाफ किसी तरफ वहां से वाहन सहित बाहर निकले। घटना के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और अतिरिक्त अधिकारियों को मौके पर भेजा गया। जिसके बाद एसडीएम को उपचार के लिए सीएचसी लाया गया जहा से उन्हें मेडिकल कालेज भेजा गया , पथराव में घायल एसडीएम की हालत सामान्य है। प्रशासन ने पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए है। जिसके बाद पूरा गांव छावनी बना हुआ है। पुलिस के डर से आरोपियों के साथ साथ ग्रामीण भी फरार है।