
मुंबई, 18 जून । नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) देश का अबतक का सबसे बड़ा प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने जा रहा है।एनएसई ने बुधवार देर रात बताया कि उसने अपने आईपीओ के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी के पास रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस का प्रारूप जमा करा दिया है। इसके तहत वह एक रुपये अंकित मूल्य वाले 14,89,05,525 इक्विटी शेयर बेचेगा। उसे आईपीओ से करीब 30 हजार करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है। यह देश का अबतक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
प्रारूप के अनुसार, उसके इस प्रस्ताव को अभी नियामकीय मंजूरी मिलनी शेष है। आईपीओ का समय बाजार की परिस्थितियों के हिसाब से बाद में तय किया जायेगा।एनएसई के जो शेयरधारक अपने शेयर बेच रहे हैं उनमें भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, जेनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के अलावा तीन विदेशी संस्थान एमएस स्ट्रेटेजिक (मॉरिशस) लिमिटेड, कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड और एरांडा इनवेस्टमेंट (मॉरिशस) पीटीई लिमिटेड शामिल हैं।
यह ऑफर बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिये लाया जा रहा है। इसमें नेट ऑफर का ज्यादा से ज्यादा 50 प्रतिशत हिस्सा पात्र संस्थागत निवेशकों के लिए रिजर्व है। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए कम से कम 15 प्रतिशत और खुदरा निवेशकों के लिए कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सा तय किया गया है।एनएसई की स्थापना साल 1992 में हुई थी। वित्त वर्ष 2025-26 में 36.99 अरब से ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट्स के ट्रेड के साथ एनएसई ने वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े इक्विटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंज के रूप में अपना दबदबा बनाये रखा।
बीते वित्त वर्ष, एनएसई का परिचालन राजस्व 16,601 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 10,302 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान, इसके प्लेटफॉर्म पर कुल 20.3 लाख करोड़ रुपये का फंड जुटाया गया।एनएसई पर यूनीक पंजीकृत निवेशकों की संख्या 31 मार्च 2026 को 12.91 करोड़ थी। यह पिछले छह साल में 26.9 प्रतिशत की औसत वार्षिक दर से बढ़ी है।