
प्रयागराज, 20 जून । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में उत्तर मध्य रेलवे छिवकी स्टेशन पर देश का पहला 24×7 ‘रेल लोको रेस्टोरेंट’ विकसित कर रहा है। परियोजना के तहत एक पुराना इलेक्ट्रिक रेल इंजन अब आधुनिक रेस्टोरेंट के रूप में नई पहचान पाएगा।प्रयागराज रेल मंडल ने इस परियोजना का अनुबंध झांसी की फर्म मैसर्स कृष्णा कैटर्स को 30 मार्च 2026 को दिया है। यह अनुबंध 10 वर्षों के लिए 31 मई 2026 से 30 मई 2036 तक प्रभावी रहेगा। रेस्टोरेंट के संचालन के लिए वार्षिक लाइसेंस शुल्क 15.41 लाख रुपये तय किया गया है, जिसमें चौथे वर्ष से प्रति वर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी। छिवकी स्टेशन के मुख्य भवन के सामने सीओडी रोड के पास पुराने लोकोमोटिव इंजन और रेल के पहियों की स्थापना का कार्य पूर्ण हो चुका है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इसे अगले तीन महीनों में पूरी तरह तैयार कर आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।यह पूरी तरह वातानुकूलित रेस्टोरेंट होगा, जिसमें एक साथ 46 लोग बैठ सकेंगे। खुले आसमान के नीचे अंब्रेला टेबलों पर भोजन का आनंद लेने की भी सुविधा होगी। मेन्यू में उत्तर भारतीय व्यंजन, प्रयागराज के स्थानीय स्वाद, फास्ट फूड और वैश्विक व्यंजन शामिल होंगे। स्विगी और जोमैटो जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से फूड डिलीवरी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हरिमोहन के मार्गदर्शन में विकसित हो रही यह परियोजना रेलवे की पुरानी परिसंपत्तियों को नया जीवन देगी। साथ ही, यह रोजगार के अवसर बढ़ाने और रेलवे की आय में वृद्धि में भी सहायक होगी। रेलवे को उम्मीद है कि यह लोको रेस्टोरेंट प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक नया पर्यटन और आकर्षण केंद्र बनेगा।रेलवे को उम्मीद है कि प्रयागराज में इस मॉडल की सफलता के बाद देश के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी इसी तरह के लोको रेस्टोरेंट विकसित किए जाएंगे, जिससे यात्रियों को एक नया और यादगार अनुभव मिल सकेगा।