
नयी दिल्ली, 20 जून । लोकसभा में विपक्ष के नेता तथा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को पूरी तरह अक्षम बताते हुए कहा है कि वह परीक्षा के नाम पर बच्चों और अभिभावकों के धैर्य की परीक्षा ले रहा है और छात्रों के भविष्य के साथ जुआ खेल रहा है।श्री गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक छात्र का उदाहरण देते हुए कहा कि नागपुर का यह छात्र एक महीने से नीट पुनर्परीक्षा की तैयारी कर रहा था लेकिन परीक्षा से एक दिन पहले प्रवेश पत्र डाउनलोड करने पर पता चला कि उसका परीक्षा केंद्र अबू धाबी आवंटित हुआ है। छात्र के पास न पासपोर्ट था, न विदेश जाने के लिए आर्थिक साधन और न ही पर्याप्त समय बचा था जिसके कारण वह पूरी रात तनाव में रहा और परीक्षा देने से ही मना करने लगा।
उन्होंने कहा, “क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है। कल किसी भी छात्र को केंद्र तक नहीं पहुंच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए। एनटीए वास्तव में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ धैर्य की परीक्षा ले रही है।”कांग्रेस नेता ने कहा कि जो व्यवस्था किसी छात्र को उसके अपने शहर में परीक्षा केंद्र उपलब्ध नहीं करा सकती और उसे विदेश में केंद्र आवंटित कर सकती है, उसे परीक्षा आयोजित करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कोटा में भी कहा था कि यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रह गई है, बल्कि एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली का माध्यम बन गई है।
श्री गांधी ने कहा, “हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वे एक संवेदनशील, जिम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था तथा परीक्षा प्रणाली के अधिकारी हैं और हम उन्हें यह दिलाकर रहेंगे।”