
नयी दिल्ली, 25 जून। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर आरोप लगाया है कि उनकी सरकार नाकामियों को छिपाने के लिए छात्रों की आवाज दबाने का काम कर रही है और इस गुनाह के लिए उन्हें युवाओं से माफी मांग कर तत्काल पद से इस्तीफा देना चाहिए।श्री गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि यह देखकर आश्चर्य होता है कि सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार इस स्थिति तक पहुंच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को उसके शिक्षा मंत्री ‘आतंकवादी’ बता रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिनकी नाकामी से कई पेपर लीक हुए, जिनके कार्यकाल में छात्रों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा और करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ, वे आज पीड़ित छात्रों और उनकी आवाज उठाने वालों को ‘दहशतगर्द’ बता रहे हैं।कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार की यह प्रवृत्ति पुरानी है। किसानों को ‘आंदोलनजीवी’ और ‘परजीवी’ कहा गया, सवाल पूछने वालों को ‘एंटी-नेशनल’ बताया गया और अब युवाओं को ‘दहशतगर्द’ कहा जा रहा है। उनका आरोप था कि जो भी सरकार से सवाल पूछता है, उसे देशद्रोही ठहराने की राजनीति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने यह गंभीर अपराध किया है और इसके लिए उन्हें देश के करोड़ों युवाओं से तत्काल माफी मांगनी चाहिए। उनका यह भी कहना था कि श्री प्रधान को अपनी नाकामियों की जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देना चाहिए।कांग्रेस नेता नेता ने कहा कि उन पर सरकार की तरफ से या मंत्री की तरफ से चाहे जितने हमले किए जा सकते हैं, लेकिन वह छात्रों और युवाओं के हितों की आवाज उठाना बंद नहीं करेंगे।
श्री गांधी ने कहा, “मैंने कोटा में भी कहा था और आज फिर दोहरा रहा हूं कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था एक ‘वसूली तंत्र’ बन गया है। हर बच्चे को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए और इस उद्देश्य के लिए वह लगातार संघर्ष करते रहेंगे।”