
नयी दिल्ली 26 जून। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि की कथित चोरी के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर शुक्रवार को जमकर निशाना साधा और इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में कराये जाने की मांग की।श्री वेणुगोपाल ने कहा कि खुद को हिंदुत्व का सबसे बड़ा रक्षक बताने वालों की असलियत इस मामले से उजागर हो गयी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस ने अयोध्या का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया तथा अब आम श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में दिये गये दान तक की लूट की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार एफसीआरए नियमों में सख्त संशोधन कर पंजीकृत ट्रस्टों पर नियंत्रण बढ़ाना चाहती है, जबकि आरएसएस जैसे अपंजीकृत संगठनों को खुली छूट मिली हुई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में मंदिर ट्रस्ट के उन शीर्ष जिम्मेदार लोगों के नाम शामिल नहीं किये गये हैं, जिन पर मंदिर निधि की जिम्मेदारी थी। उनका आरोप है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी ने केवल निचले स्तर के पदाधिकारियों को आरोपी बनाया है, जबकि इस कथित बड़े घोटाले के शीर्ष जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास किया गया है।श्री वेणुगोपाल ने राम मंदिर दान चोरी के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच शीर्ष न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराये जाने की मांग की, ताकि कथित घोटाले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।