भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पीडीए की काट के लिए अपनाया ओबीसी फॉर्मूला

भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पीडीए की काट के लिए अपनाया ओबीसी फॉर्मूला

वाराणसी, 27 जून । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा घोषित नई प्रदेश संगठनात्मक टीम ने काशी क्षेत्र से एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समीकरण की काट के लिए भाजपा ने ओबीसी फॉर्मूले पर दांव लगाया है। कुछ दिनों पहले ही भाजपा ने वाराणसी के जिलाध्यक्ष के रूप में राम सकल पटेल की नियुक्ति की थी। अब अशोक चौरसिया को काशी क्षेत्र का अध्यक्ष बनाया गया है।पार्टी नेतृत्व ने काशी क्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष दिलीप पटेल को प्रदेश महामंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपकर पूर्वांचल के प्रति अपना विशेष विश्वास भी प्रदर्शित किया है। बीएचयू के पूर्व प्रोफेसर एवं राजनीतिक विशेषज्ञ दीपक मलिक ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी बड़े फीडबैक के आधार पर संगठनात्मक बदलाव करती है। काशी क्षेत्र और वाराणसी में संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां पिछड़े वर्ग के नेताओं को सौंपना बड़ा राजनीतिक संकेत है। उनका मानना है कि पार्टी को ओबीसी वर्ग के समाजवादी पार्टी की ओर झुकाव का फीडबैक मिला होगा, इसलिए संगठन में पिछड़े वर्ग के नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारियां दी गई हैं। भाजपा शोध और जमीनी रिपोर्ट के आधार पर कार्य करने वाली पार्टी है।

प्रदेश संगठन में ये नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब भाजपा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव और वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संगठनात्मक क्षमता, सामाजिक स्वीकार्यता और जमीनी पकड़ रखने वाले नेताओं को आगे बढ़ाकर भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति का स्पष्ट संकेत दिया है।विशेष रूप से दिलीप पटेल की नियुक्ति को संगठन में उनके सफल कार्यकाल का प्रतिफल माना जा रहा है। काशी क्षेत्र के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण, सदस्यता अभियान और विभिन्न चुनावों में पार्टी को मजबूत करने के लिए उल्लेखनीय कार्य किया। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय, मधुर व्यवहार और स्वच्छ राजनीतिक छवि को देखते हुए शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें प्रदेश महामंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। संगठन के भीतर इसे काशी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

पीडीए की काट के लिए भाजपा ने ओबीसी ब्लूप्रिंट तैयार किया है। जिले और काशी क्षेत्र में ओबीसी वर्ग पर विशेष ध्यान दिया गया है। पहले वाराणसी महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरी, जिलाध्यक्ष राम सकल पटेल और अब काशी क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया तथा दिलीप पटेल को प्रदेश महामंत्री बनाकर भाजपा काशी और पूर्वांचल को साधने की रणनीति पर आगे बढ़ती दिख रही है। काशी में संगठन की तीनों प्रमुख जिम्मेदारियां पिछड़े वर्ग के नेताओं के हाथों में दी गई हैं।काशी क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि “बूथ जीता तो चुनाव जीता।” प्रधानमंत्री के इसी मंत्र को चरितार्थ करते हुए कमजोर बूथों को मजबूत बनाया जाएगा और काशी क्षेत्र की सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा का परचम लहराया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *