
इंफाल, 18 अगस्त। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि मणिपुर सरकार राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश कर रही है।
श्री सिंह ने यहां मणिपुर सचिवालय में सद्भावना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जन्मदिन को चिह्नित करने के लिए हर साल 20 अगस्त को सद्भावना दिवस मनाया जाता है, लेकिन चूंकि यह रविवार को पड़ रहा है, इसलिए यह दिवस शुक्रवार को आयोजित किया गया।
उन्होंने तीन मई को चुराचांदपुर में शुरू हुई झड़प के बाद मणिपुर में मौजूदा संकट पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि अलग-अलग राय सामने आई हैं, लेकिन शांति मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नुकसान की भरपाई के लिए कर्मचारियों और जनता को कड़ी मेहनत करनी चाहिए। शांति तब बहाल हो सकती है, जब लोग एक-दूसरे पर विश्वास करना शुरू कर दें और जातीय आधार पर काम करना बंद कर दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अतीत को भूलने और भविष्य के लिए काम करने का समय है। उन्होंने कहा, “अगर लोग मतभेद पैदा करना शुरू कर देंगे, तो कोई विकास और शांति नहीं होगी।”
उन्होंने लोगों से आगे आकर संकट के समाधान के लिए सरकार को सलाह देने की अपील की। उन्होंने कहा कि मणिपुर को एकता और समान विकास के उस रास्ते पर आगे बढ़ने की जरूरत है, जिस पर वह पिछले छह वर्षों में आगे बढ़ रहा है और इसके लिए सभी लोगों के सामूहिक प्रयास तथा विश्वास की आवश्यकता है।
श्री सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चौबीसों घंटे की निगरानी, समर्थन और मार्गदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन तथा समर्थन में यह सभी लोगों के लिए एकजुट होने और शांति एवं विकास लाने की दिशा में काम करने का समय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शांति की बहाली और सामान्य स्थिति में वापसी इस समय हमारा मुख्य ध्यान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी को ऐसे मुद्दों पर बात या चर्चा नहीं करनी चाहिए जो अन्य समुदायों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। उन्होंने राज्य के लोगों से एकता और विकास को बढ़ावा देने की अपील की।
श्री सिंह ने कहा कि श्री राजीव गांधी लोगों के कल्याण और बेहतरी में विश्वास करते थे।
उन्होंने कहा कि इस दिन लोग सद्भावना की प्रतिज्ञा लेते हैं और यह प्रतिज्ञा राष्ट्रीय एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम कभी-कभी हिंसा की अवांछित घटनाएं देखते हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा की ये छिटपुट घटनाएं न केवल बहुमूल्य जीवन और संपत्तियों की हानि का कारण बनती हैं, बल्कि एक-दूसरे के बीच अविश्वास भी पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि इससे विकास धीमा हो जाता है और साथ ही अखंड भारत के निर्माण में बाधा उत्पन्न होती है।
श्री सिंह ने अवलोकन में भाग लेने वाले लोगों को सद्भावना प्रतिज्ञा भी दिलाई।
श्री श्री बाल मुकुंद देव राजकीय संगीत महाविद्यालय के कलाकारों ने अवलोकन के उद्घाटन और समापन गीत प्रस्तुत किये।