
लखनऊ, 1 जुलाई । दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे उत्तर प्रदेश में सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान जताया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक और दो जुलाई को अनेक स्थानों पर जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है। सप्ताह के उत्तरार्ध में पूर्वी उत्तर प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां और तेज होने के संकेत हैं।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, एक जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने, गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका व्यक्त की गई है। दो जुलाई को भी प्रदेश के दोनों भागों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवा के साथ कहीं-कहीं भारी वर्षा का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, तीन जुलाई को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक एवं वज्रपात के साथ भारी वर्षा हो सकती है। चार और पांच जुलाई को किसी विशेष मौसम चेतावनी की संभावना नहीं है, हालांकि वर्षा का क्रम बना रहेगा। छह और सात जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में पुनः कहीं-कहीं भारी वर्षा होने के आसार हैं, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य वर्षा की संभावना जताई गई है।इस बीच मौसम केंद्र लखनऊ द्वारा जारी तात्कालिक चेतावनी के अनुसार, बुधवार पूर्वाह्न तक प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, मेरठ, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, झांसी, चित्रकूट, बांदा, अमेठी, रायबरेली, प्रतापगढ़, फतेहपुर, कौशांबी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती सहित अनेक जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बदायूं, कासगंज, संभल, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर सहित कुछ जिलों में तेज गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी वर्षा की भी चेतावनी जारी की है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित पक्के भवनों में रहने, पेड़ों एवं बिजली के खंभों के नीचे शरण नहीं लेने तथा किसानों को मौसम सामान्य होने तक कृषि कार्य स्थगित रखने की सलाह दी है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा अब उत्तर-पश्चिम भारत की ओर लगातार आगे बढ़ रही है और एक जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्से मानसूनी प्रभाव में आ चुके हैं। इसके चलते आगामी दिनों में वर्षा की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।