
प्रयागराज, 02 जुलाई। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में चोरी के मामले में कहा कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और विशेष जांच दल (एसआईटी) जांच कर रहा है। उन्होंने लोगों से जांच रिपोर्ट आने तक इंतजार करने की अपील करते हुए कहा कि विपक्ष को इस मुद्दे पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।प्रयागराज में पत्रकारों से बातचीत में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चढ़ावा चोरी की घटना अत्यंत पीड़ादायक है। इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।
समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर पलटवार करते हुए श्री मौर्य ने कहा कि उनकी बयानबाजी से समाजवादी पार्टी लगातार रसातल में जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव का परिवार “रामद्रोही” रहा है और इसी कारण वह राम जन्मभूमि से जुड़े मुद्दों पर इस प्रकार के बयान देते हैं।उपमुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए तपस्वी की तरह कार्य करने वाले लोगों में चंपत राय भी शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी लोगों को इस घटना से दुख है और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।
उन्होंने सपा द्वारा लगाए गए इस आरोप को भी खारिज किया कि भारतीय जनता पार्टी चंदा चोरी के आरोपियों को बचा रही है। श्री मौर्य ने कहा कि विपक्ष बिना तथ्यों के राजनीतिक आरोप लगा रहा है।कांग्रेस प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के समाजवादी पार्टी के साथ संभावित सीट बंटवारे संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस चाहे मिलकर चुनाव लड़ें या अलग-अलग, वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने दावा किया कि ‘इंडिया’ गठबंधन अब पूरी तरह कमजोर पड़ चुका है और उसमें कुछ भी शेष नहीं बचा है।
बीबीजी राम जी योजना को लेकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए श्री मौर्य ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में कभी बिना भ्रष्टाचार के गांवों और गरीबों का विकास नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार में विकास योजनाओं में किसी प्रकार का “लीकेज” नहीं है और सरकार विकसित भारत के साथ विकसित उत्तर प्रदेश तथा विकसित गांव के लक्ष्य की दिशा में कार्य कर रही है।