अली खामेनेई के जनाजे की उनके तीन पुत्रों ने अदा की नमाज, शामिल नहीं हुए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई

अली खामेनेई के जनाजे की उनके तीन पुत्रों ने अदा की नमाज, शामिल नहीं हुए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई

तेहरान, 06 जुलाई। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के पार्थिव शरीर पर रविवार को उनके तीन पुत्रों मुस्तफा, मसूद और मैसम खामेनेई ने नमाज-ए-जनाजा अदा की, हालांकि उनके उत्तराधिकारी और वर्तमान सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई इस दौरान नमाज अदा करते नजर नहीं आये।तेहरान स्थित इमाम खुमैनी ग्रैंड मुसल्ला में आयोजित नमाज-ए-जनाजा में तीनों पुत्र अपने पिता और उनके साथ मारे गये परिवार के चार अन्य सदस्यों के ताबूतों के पास शोक व्यक्त करते दिखाई दिये।

दिवंगत खामेनेई के सबसे बड़े पुत्र 64 वर्षीय मुस्तफा खामेनेई शिया धर्मगुरु हैं। उनकी राजनीतिक गतिविधियां सीमित रही हैं। वह वर्तमान में ईरानी सरकार में कोई पद नहीं संभाल रहे हैं, हालांकि धार्मिक हलकों में उन्हें प्रभावशाली माना जाता है।दूसरी ओर, 52 वर्षीय मसूद खामेनेई भी शिया धर्मगुरु हैं और दिवंगत नेता के तीसरे पुत्र हैं। वह ‘ऑफिस फॉर प्रिजर्विंग एंड पब्लिशिंग खामेनेई वर्क्स’ का संचालन करते हैं, जो सर्वोच्च नेता के भाषणों और विचारों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार का कार्य करता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उनके पास व्यापक प्रचार-तंत्र है और विभिन्न मीडिया संस्थानों से उनके संबंध हैं।

इस मौके पर मौजूद रहे उनके सबसे छोटे पुत्र 48 वर्षीय मैसम खामेनेई सार्वजनिक जीवन में अपेक्षाकृत कम सक्रिय रहे हैं। उन्होंने भी सर्वोच्च नेता के कार्यों के संरक्षण एवं प्रकाशन से जुड़े कार्यालय में काम किया है।समारोह में मोजतबा खामेनेई के ससुर गुलाम-अली हद्दाद-आदिल और आयतुल्ला अली खामेनेई के दामाद मोहम्मद मोहम्मदी गोलपायेगानी भी मौजूद रहे। श्री गोलपायेगानी की चार वर्षीय पुत्री ज़हरा का पार्थिव शरीर भी एक छोटे ताबूत में रखा गया था। उनकी इस हमले में मृत्यु हो गयी थी।

उल्लेखनीय है कि ईरान की सुरक्षा एजेंसियों ने सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाज़त नहीं दी थी। एक रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा अधिकारियों को डर था कि इजरायल या तो उनकी हत्या कर देगा या फिर उनके सार्वजनिक रूप से सामने आने का उपयोग उनके छिपने के ठिकाने का पता लगाने के लिए करेगा। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के दो अज्ञात सदस्यों और नमाज-ए-जनाजा आयोजन से जुड़े एक व्यक्ति का हवाला देते हुए कहा गया कि श्री मोजतबा ने अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने और पारंपरिक अंतिम संस्कार की रस्में निभाने के लिए धार्मिक सुरक्षा प्रहरियों से अनुमति मांगी थी। सुरक्षा अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा चिंताओं के कारण अब तक इस अनुरोध की अनुमति नहीं दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *