आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र ने छात्रावास निर्माण के लिए दिए 10 करोड़ रुपये

आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र ने छात्रावास निर्माण के लिए दिए 10 करोड़ रुपये

कानपुर, 7 जुलाई । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के विशिष्ट पूर्व छात्र एवं प्रौद्योगिकी उद्यमी डॉ. नरेश चंद गुप्ता और श्रीमती निधि गुप्ता ने संस्थान में छात्र आवासीय अवसंरचना के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। इस राशि का उपयोग संस्थान के प्रस्तावित हॉल ऑफ रेजिडेंस-15 में एक आवासीय टॉवर के निर्माण के लिए किया जाएगा।संस्थान द्वारा मंगलवार को जारी जानकारी के अनुसार, बढ़ती छात्र संख्या को देखते हुए लगभग एक हजार विद्यार्थियों की क्षमता वाले चार आवासीय टॉवरों का निर्माण किया जा रहा है। डॉ. गुप्ता और श्रीमती निधि गुप्ता का योगदान इन चार टॉवरों में से एक के निर्माण में लगाया जाएगा। संस्थान उनकी इच्छा के अनुरूप इस आवासीय टॉवर का नामकरण भी करेगा।

प्रस्तावित छात्रावास में अध्ययन कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र, भोजनालय, सहयोगात्मक लाउंज तथा दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा-कुशल प्रणालियों और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों को भी शामिल किया जाएगा।डॉ. नरेश चंद गुप्ता आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के वर्ष 1988 बैच के पूर्व छात्र हैं। वह प्रौद्योगिकी आधारित एसेट मैनेजमेंट कंपनी एक्यूराकैप के संस्थापक हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड, कॉलेज पार्क से एमएस और पीएचडी की उपाधियां प्राप्त कीं तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कंप्यूटर विज़न, मशीन लर्निंग और स्वचालित नियोजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

डॉ. गुप्ता एडोबी इंडिया के संस्थापक भी रहे हैं। उनके नेतृत्व में कंपनी देश के प्रमुख अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) केंद्रों में विकसित हुई, जहां फोटोशॉप एलिमेंट्स, इलस्ट्रेटर, इनडिजाइन, कैप्टिवेट और एक्रोबैट जैसे वैश्विक उत्पादों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। उनके योगदान के लिए उन्हें सिलिकॉन इंडिया द्वारा “फाॅदर ऑफ आफशोर आरएंडडी” तथा जिननोव द्वारा “आरएंडउी विजिनरीज अवार्ड” से सम्मानित किया जा चुका है। आईआईटी कानपुर ने उन्हें वर्ष 2025 का विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान भी प्रदान किया था।डॉ. गुप्ता ने कहा कि उन्हें ऐसे आवासीय वातावरण के निर्माण में सहयोग देकर प्रसन्नता है, जहां प्रतिभाशाली छात्र सीखने, सहयोग करने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह परिसर विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और समाज पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ने के लिए प्रेरित करेगा।

आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने इस योगदान के लिए डॉ. गुप्ता और श्रीमती निधि गुप्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग संस्थान की छात्र आवासीय सुविधाओं को सुदृढ़ करेगा तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक, सामाजिक और व्यक्तिगत विकास के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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