
नयी दिल्ली 08 जुलाई । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट परीक्षा के कथित पेपर लीक के गंभीर आरोपों को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।श्री गांधी ने कहा कि नीट पेपर लीक के कुछ ही सप्ताह बाद अब यूजीसी नीट परीक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जो देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा संकट है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक पीडीएफ प्रसारित हुई, जो प्रश्नपत्र तैयार करने से संबंधित थी और कथित तौर पर केवल राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के पास उपलब्ध हो सकती थी। उन्होंने दावा किया कि इस पीडीएफ के लगभग 90 प्रश्न समाजशास्त्र के वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यही प्रश्नपत्र बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में 2.25 लाख रुपये में बेचा जा रहा था। साथ ही, इसी नेटवर्क द्वारा सीएसआईआर-नीट, एचटीईटी और एडीए जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा भी किया गया। श्री गांधी ने कहा कि नीट और यूजीसी नीट में बार-बार सामने आए कथित घोटालों के बावजूद मोदी सरकार आंखें मूंदकर बैठी है और लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत उसके लिए कोई मायने नहीं रखती।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से जवाबदेही या प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद करना व्यर्थ है। उनके अनुसार, न निष्पक्ष जांच होगी और न ही छात्रों को न्याय मिलेगा। श्री गांधी ने कहा कि बदलाव का एकमात्र माध्यम देशभर के छात्रों की एकजुट आवाज़ है और छात्रों का यह आंदोलन भारत की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाएगा।