अमेरिका की दक्षिण-पूर्व एशिया में बड़ी भूमिका पर नज़र; महत्वपूर्ण खनिजों, एआई एवं अवसंरचना पर ध्यान केंद्रित

अमेरिका की दक्षिण-पूर्व एशिया में बड़ी भूमिका पर नज़र; महत्वपूर्ण खनिजों, एआई एवं अवसंरचना पर ध्यान केंद्रित

नयी दिल्ली, 09 जुलाई। अमेरिका दक्षिण-पूर्व एशिया में अपने निवेश के दायरे में उल्लेखनीय विस्तार करने की योजना बना रहा है, जिसमें महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा, अवसंरचना और उन्नत विनिर्माण पर विशेष ध्यान केंद्रीत किया जायेगा।यह कदम हाल ही में अमेरिकी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा फ़िलीपींस, वियतनाम, कंबोडिया, लाओस, मलेशिया एवं इंडोनेशिया की यात्रा के बाद उठाया गया है, जिसका उद्देश्य निवेश के अवसरों की पहचान करना तथा सरकारों एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ साझेदारियों को मज़बूत करना था।

अमेरिका के पास ऋण वित्तपोषण, इक्विटी निवेश, राजनीतिक जोखिम बीमा, ऋण गारंटी एवं परियोजना विकास वित्तपोषण के माध्यम से वैश्विक निवेश के लिए लगभग 205 अरब डॉलर उपलब्ध हैं। इसके प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में महत्वपूर्ण खनिज, औषधि उद्योग, कृषि आपूर्ति शृंखला, उन्नत विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वित्तीय प्रौद्योगिकी, ऊर्जा सुरक्षा तथा परिवहन एवं डिजिटल अवसंरचना, जैसे बंदरगाह, हवाई अड्डा, दूरसंचार नेटवर्क, फाइबर कनेक्टिविटी, डेटा केंद्र और विद्युत ग्रिड शामिल हैं।अमेरिकी विकास वित्त निगम ने फिलीपींस में परिवहन अवसंरचना, बिजली उत्पादन, ग्रिड आधुनिकीकरण, खनन तथा महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण में अवसरों की पहचान की। यह लूज़ोन आर्थिक गलियारे से जुड़ी पहलों का भी समर्थन कर रहा है और महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने के लिए परियोजनाओं की संभावनाओं का भी पता लगा रहा है।

अमेरिकी विकास वित्त निगम की प्रमुख पॉलिसी अधिकारी कैरोलीन विक ने कहा, “लुज़ोन कॉरिडोर के मामले में, हमने वित्तपोषण के लिए कई संभावित परियोजनाओं की पहचान की है और हम और परियोजनाओं की तलाश कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि सही समय आने पर वह ‘पैक्स सिलिका’ पहल का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।वियतनाम में सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा परियोजनाओं और डिजिटल अवसंरचना पर चर्चाएं केंद्रित थीं, जिनमें विश्वसनीय प्रौद्योगिकी प्रदाताओं का उपयोग करने वाले दूरसंचार नेटवर्क भी शामिल थे।

कंबोडिया में, एजेंसी ने बंदरगाहों, समुद्री संपर्क, ऊर्जा, मोबाइल और फाइबर नेटवर्क, डेटा केंद्रों तथा फ़्नोम पेन्ह के नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए वित्तपोषण सहायता में निवेश की संभावनाओं का पता लगाया।लाओस की चर्चाएं रेल संपर्क, एक्सप्रेसवे, बिजली उत्पादन और बिजली निर्यात पर केंद्रित थीं, जबकि मलेशिया में हुई चर्चाओं में सेमीकंडक्टर, ऊर्जा सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण और कृषि सुरक्षा शामिल थे।

इंडोनेशिया में, डीएफसी ने ऊर्जा सुरक्षा, बंदरगाहों, महत्वपूर्ण खनिजों के खनन एवं प्रसंस्करण, परमाणु ऊर्जा तथा वित्तीय सेवाओं में निवेश के अवसरों की समीक्षा की।महत्वपूर्ण खनिजों के बारे में, सुश्री विक ने कहा कि अमेरिका खदान से बंदरगाह तक, प्रसंस्करण से उत्पाद तक अधिक विविधीकृत आपूर्ति शृंखला तैयार करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कई क्षेत्रीय सरकारें घरेलू प्रसंस्करण क्षमताएं विकसित करके मूल्य शृंखला में ऊपर बढ़ने में रुचि रखती हैं। अमेरिका साझेदार देशों को घरेलू मूल्य-वर्धित उद्योगों के विकास में भी सहायता करेगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल अवसंरचना भी प्रमुख रुचि के क्षेत्रों के रूप में उभरे हैं, जहां डीएफसी विश्वसनीय प्रौद्योगिकी प्रदाताओं को शामिल करने वाली व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं का समर्थन करना चाहता है।

अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि निवेश मुख्य रूप से निजी क्षेत्र के माध्यम से किए जाएंगे, हालांकि यह राज्य-स्वामित्व वाले उद्यमों के साथ भी काम कर सकता है, जहां परियोजनाएं इसकी रणनीतिक प्राथमिकताओं एवं वाणिज्यिक उद्देश्यों के अनुरूप हों। अमेरिका निवेश परियोजनाओं की एक श्रृंखला विकसित करने की उम्मीद कर रहा है और अगले कुछ वर्ष के दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया समर्थित कुछ पहलों की घोषणाएं कर सकता है।

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