
नयी दिल्ली, 10 जुलाई । दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने शुक्रवार को कहा कि एक अगस्त से डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा केवल नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) आधारित ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ के माध्यम से मिलेगी।दिल्ली सरकार ने राजधानी की महिलाओं के लिए निःशुल्क बस यात्रा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि मौजूदा पेपर आधारित पिंक टिकट व्यवस्था 31 जुलाई 2026 तक जारी रहेगी। इसके बाद एक अगस्त से डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा केवल नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) आधारित ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ के माध्यम से मिलेगी।
डॉ. सिंह ने आज सभी पात्र महिलाओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवा लें ताकि एक अगस्त के बाद भी बिना किसी बाधा के निःशुल्क बस यात्रा का लाभ मिलता रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षित, सुगम और मुफ्त सार्वजनिक परिवहन सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य व्यवस्था को अधिक स्मार्ट, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।उन्होंने बताया कि अब तक दिल्ली में करीब 15 लाख पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड जारी किये जा चुके हैं और हजारों महिलाएं नियमित रूप से इनके जरिए मुफ्त बस यात्रा कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 जुलाई तक पेपर आधारित पिंक टिकट पूरी तरह मान्य रहेंगे। वहीं, 31 जुलाई के बाद भी डीटीसी बस डिपो और अधिसूचित केंद्रों पर पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के लिए पंजीकरण जारी रहेगा इसलिए जिन महिलाओं का कार्ड अभी नहीं बना है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है।
डॉ. सिंह ने कहा कि पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड केवल निःशुल्क यात्रा का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे लाभार्थियों का बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी पात्र महिला इस सुविधा से वंचित न रहे और कार्ड जारी करने की प्रक्रिया लगातार जारी रहे।दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) द्वारा जारी परिचालन निर्देशों के अनुसार, एक अगस्त से वैध पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड रखने वाली महिला यात्रियों को डीटीसी और क्लस्टर बसों में पहले की तरह निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलती रहेगी। इसके साथ ही पेपर आधारित पिंक टिकट व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर स्मार्ट कार्ड आधारित प्रणाली पूरी तरह लागू की जायेगी। सरकार का कहना है कि यह बदलाव सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।