
लखनऊ, 11 जुलाई । समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से मुलाकात कर न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से परिजनों की मांगें स्वीकार कर मामले में न्याय सुनिश्चित करने की मांग की। श्री यादव ने कहा कि “मेरठ की बेटी” के साथ हुई बर्बरता और हत्या के मामले में नामजद आरोपियों पर कमजोर धाराएं लगाने और विरोध प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज करना अन्याय की पराकाष्ठा है।उन्होंने कहा कि इससे भी गंभीर बात यह है कि जिस पुलिस से न्याय की अपेक्षा की जाती है, वही अन्याय और अहंकार का प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई का वीडियो पूरी दुनिया में प्रसारित हुआ है, जिससे उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि धूमिल हुई है। इससे उन पुलिस अधिकारियों को भी शर्मिंदगी उठानी पड़ी है, जो कर्तव्यनिष्ठ और जनसंवेदनशील हैं तथा मानवीय दृष्टिकोण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) अब अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगा और इसके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रदेश का नेतृत्व महिलाओं, विशेषकर एक मृत युवती की शोकाकुल मां के प्रति भी असंवेदनशील भाषा का प्रयोग करता हो, वहां की पुलिस से न्याय की अपेक्षा करना निरर्थक हो गया है।उन्होंने कहा कि जनता अब भारतीय जनता पार्टी के भाषणों को सुनने के मूड में नहीं है और वह न्याय तथा जवाबदेही चाहती है।