
नई दिल्ली, 13 जुलाई। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ई-20 पेट्रोल से यदि किसी वाहन में खराबी आती है तो वाहन निर्माता कंपनियों को प्रभावित पुर्जों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के बदलना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस संबंध में कंपनियों को निर्देश जारी किए हैं।एक साक्षात्कार में श्री गडकरी ने ई-20 पेट्रोल से गाड़ियों के खराब होने संबंधी सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को भ्रामक और झूठा करार दिया। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग से पुरानी गाड़ियों का माइलेज कुछ कम हो सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 से पहले निर्मित वाहनों में कई स्थानों पर धातु के वॉशर लगे हैं, जबकि अब रबर के वॉशर का उपयोग किया जा रहा है। सरकार ने वाहन कंपनियों को निर्देश दिया है कि सर्विसिंग के दौरान ऐसे वॉशरों को ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क लिए बिना बदला जाए।
श्री गडकरी ने कहा कि अब तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि ई-20 पेट्रोल के कारण कोई वाहन खराब हुआ है या बंद पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में सोशल मीडिया पर चल रही खबरें एक सुनियोजित झूठा नैरेटिव हैं।
उन्होंने कहा कि एथेनॉल का ऑक्टेन नंबर अधिक होता है और इसमें बेहतर एंटी-नॉकिंग गुण होते हैं, जिससे इंजन के प्रदर्शन में सुधार होता है। उन्होंने कहा कि वह वर्ष 2004 से एथेनॉल आधारित ईंधन को बढ़ावा दे रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ई-20 पेट्रोल से माइलेज में कुछ कमी इसलिए आती है क्योंकि एथेनॉल की कैलोरिफिक वैल्यू पेट्रोल की तुलना में कम होती है। उन्होंने कहा कि महानगरों में भारी यातायात और रुक-रुक कर चलने की स्थिति में माइलेज पर अधिक प्रभाव पड़ता है, जबकि राजमार्गों पर यह अंतर अपेाकृत कम दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय ऑटोमोटिव अनुसंधान संघ (एआरएआई) की रिपोर्ट के अनुसार फ्लेक्स-फ्यूल इंजनों में माइलेज संबंधी कोई विशेष समस्या नहीं है और देश की करीब 12 वाहन कंपनियां ऐसे मॉडल विकसित करने पर काम कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि भारत में ई-20 पेट्रोल को लेकर विशेषकर वर्ष 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिकों के बीच चिंता जताई जा रही है। वाहन मालिकों का कहना है कि इस ईंधन से माइलेज कम हो रहा है, रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है और इंजन के कुछ पुर्जों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।