
प्रयागराज, 13 जुलाई । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले की बारा तहसील में करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी ‘पहाड़’ भूमि को फर्जीवाड़े के जरिए निजी खातों में दर्ज कर बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले के खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने एक निजी कंपनी के निदेशक सहित 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस और राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार बारा तहसील के गोल्हैया गांव स्थित आराजी संख्या-01, रकबा 83 बीघा 19 बिस्वा (करीब 19.163 हेक्टेयर) भूमि राजस्व अभिलेखों में ‘पहाड़’ के रूप में सार्वजनिक सरकारी भूमि दर्ज थी। आरोप है कि भू-माफियाओं ने मिलीभगत और फर्जी दस्तावेजों के सहारे इस बेशकीमती सरकारी जमीन को अपने नाम दर्ज करा लिया और बाद में उसकी खरीद-फरोख्त कर दी।मामले की जानकारी मिलने पर प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। इसके बाद संबंधित खाताधारकों के नाम निरस्त कर भूमि को पुनः सरकारी खाते में दर्ज कर दिया गया।
लेखपाल प्राची सिंह परिहार की तहरीर पर लालापुर थाने में 19 लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों में पूर्व खाताधारक, जमीन के खरीदार तथा एक निजी कंपनी भी शामिल है।पुलिस का कहना है कि मामले की गहन विवेचना की जा रही है। राजस्व अभिलेखों, भूमि हस्तांतरण और अन्य संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।