चुनाव आयोग को लोकतंत्र की आत्मा मानते थे मनमोहन , मौजूदा सरकार ने उसे राजनीतिक औजार बना दिया- जयराम रमेश

चुनाव आयोग को लोकतंत्र की आत्मा मानते थे मनमोहन , मौजूदा सरकार ने उसे राजनीतिक औजार बना दिया- जयराम रमेश

नयी दिल्ली, 13 जुलाई। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह चुनाव आयोग को लोकतंत्र की आत्मा मानते थे लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे राजनीतिक औजार बनाकर रख दिया है।श्री रमेश ने कहा , “डॉ. सिंह चुनाव आयोग को हमारे लोकतंत्र की आत्मा मानते थे, जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री उसे राजनीतिक वर्चस्व स्थापित करने के एक साधन के रूप में देखते हैं।” उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह ने एक पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त से कहा था कि वह चुनाव आयोग को भारतीय लोकतंत्र की आत्मा मानते हैं और उनका यह दृष्टिकोण मौजूदा सरकार के रवैये से बिल्कुल अलग था।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि डॉ. सिंह ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि चुनाव आयोग पर इस तरह नियंत्रण स्थापित किया जायेगा और ऐसे मुख्य चुनाव आयुक्त होंगे जो प्रधानमंत्री के राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए खुले तौर पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनायेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने जैसी स्थिति भी इसी का परिणाम है।श्री रमेश ने कहा कि राष्ट्रीय संस्थाओं का राजनीतिकरण करना न तो डॉ. सिंह के स्वभाव में था और न ही उनकी विचारधारा का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि इतिहास उन्हें उनके लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण और राजनेता के रूप में उनकी गरिमा के लिए हमेशा सम्मान के साथ याद करेगा।

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