
वाराणसी, 14 जुलाई । उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर गठित कांग्रेस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को वाराणसी के मोहनसराय पहुंचकर सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश मिश्रा एवं उनके परिजनों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह पर करोड़ों रुपये मूल्य की पैतृक भूमि पर कब्जे के आरोपों को लेकर पीड़ित परिवार से जानकारी ली।प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी लेने के साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर मामले के विभिन्न पहलुओं को समझा। प्रतिनिधिमंडल ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा भी दिया।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, पीड़ित परिवार ने बताया कि लगभग 70 बिस्वा पैतृक भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। परिवार का आरोप है कि भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह तथा उनके सहयोगियों ने प्रभावशाली लोगों और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत, दबाव एवं धोखाधड़ी के माध्यम से भूमि पर कब्जा कर लिया।प्रतिनिधिमंडल में शामिल उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव सतीश चौबे ने कहा कि यदि कोई राजनीतिक पद पर बैठा व्यक्ति अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर किसी नागरिक की भूमि पर अवैध कब्जा करने अथवा कथित फर्जीवाड़े के जरिए उसे अपने नाम कराने का प्रयास करता है, तो यह कानून के शासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अपराध और भू-माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का दावा करती है, लेकिन यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ही एक सेवानिवृत्त शिक्षक और उनके परिवार को अपनी भूमि बचाने के लिए भटकना पड़े, तो सरकार के दावों पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।वहीं भाजपा नेता सुरेश सिंह ने कहा पूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद ही जमीन ली गई हैं। अचानक न जाने परिवार के लोग ऐसा आरोप क्यों लगाने लगे। जमीन को लेकर किसी से भी कोई जबरदस्ती नहीं की गई हैं।