टाटा समूह लगातार 18वें साल बना देश का सबसे मूल्यवान ब्रांड, अडानी समूह शीर्ष 10 में शामिल

टाटा समूह लगातार 18वें साल बना देश का सबसे मूल्यवान ब्रांड, अडानी समूह शीर्ष 10 में शामिल

नयी दिल्ली, 14 जुलाई। टाटा समूह लगातार 18वें साल ब्रांड फाइनेंस इंडिया रिपोर्ट में भारत का सबसे मूल्यवान ब्रांड बना है जबकि अडानी समूह पहली बार शीर्ष 10 में शामिल हो गया है।ब्रांड मूल्यांकन के क्षेत्र में काम करने वाली सलाह कंपनी ब्रांड फाइनेंस द्वारा मंगलवार को जारी रैंकिंग में टाटा समूह का कुल ब्रांड मूल्य 33.6 अरब डॉलर आंका गया है। यह पिछले साल की तुलना में सात प्रतिशत अधिक है। समूह आईटी सेवा, इस्पात, वाणिज्यिक वाहन, जवेलरी और फैशन में शीर्ष पर बना हुआ है। रिपोर्ट में देश के शीर्ष 100 ब्रांडों का कुल मूल्य रिकॉर्ड 252.8 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि डिजिटल परिवर्तन, विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और नवाचार में निरंतर निवेश के कारण संभव हुई है।

अडानी समूह ने पहली बार शीर्ष 10 में जगह बनायी है। समूह ने इस साल आठवां स्थान हासिल किया है, जबकि पिछले साल वह 13वें स्थान पर था। अडानी पावर को देश का नंबर-1 ऊर्जा ब्रांड घोषित किया गया है। ब्रांड फाइनेंस ने अडानी समूह का ब्रांड मूल्य 8.48 अरब डॉलर आंका है। इसमें अडानी विल्मर और उससे जुड़े उपभोक्ता ब्रांडों से संबंधित लगभग 50 करोड़ डॉलर शामिल नहीं हैं। यह पिछले वर्ष के 6.46 अरब डॉलर की तुलना में 31.3 प्रतिशत अधिक है। पिछले तीन साल में अडानी समूह ने देश के शीर्ष 25 सबसे मूल्यवान ब्रांडों में 15 स्थानों की छलांग लगायी है।अडानी पावर का ब्रांड मूल्य 152 प्रतिशत बढ़कर 1.8 अरब डॉलर हो गया है। ऊर्जा क्षेत्र में समूह की मजबूत स्थिति को और सुदृढ़ करते हुए अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस भी देश के शीर्ष पांच ऊर्जा ब्रांडों में जगह बनायी है। अडानी टोटल गैस ने भी इस रैंकिंग में समूह की उपस्थिति को और मजबूत किया है।

एशिया प्रशांत क्षेत्र के लिए ब्रांड फाइनेंस के प्रबंध निदेशक एलेक्स हेग ने कहा, “भारत के शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान ब्रांडों में अडानी समूह का प्रवेश उस व्यवसाय की मजबूती को दर्शाता है, जो देश की विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा क्षेत्रों में अपनी लगातार बढ़ती उपस्थिति के माध्यम से समूह ने ऐसे मजबूत ब्रांडों का पोर्टफोलियो तैयार किया है, जो देश की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक प्राथमिकताओं को समर्थन देते हैं।”इंफोसिस लगातार पांचवें साल दूसरे स्थान पर रही है। इसका मूल्य 16.4 अरब डॉलर आंका गया है। इसके बाद एलआईसी समूह का मूल्य 12 प्रतिशत बढ़कर 15.3 अरब डॉलर पर रहा। एचडीएफसी समूह 13.9 अरब डॉलर के साथ चौथे स्थान पर और रिलायंस समूह 10.8 अरब डॉलर के साथ पांचवें स्थान पर रहा। इनके बाद शीर्ष 10 में क्रमशः भारतीय स्टेट बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, अडानी समूह, लार्सन एंड टूब्रो और एयरटेल का स्थान रहा।

सूजलॉन एनर्जी सबसे तेजी से बढ़ता हुआ ब्रांड रहा। उसका मूल्य एक साल दोगुने से ज्यादा हो गया।

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