काशी में 25,445 करोड़ रूपये के लागत से गंगा-वरुणा कॉरिडोर से बदलेगी तस्वीर

काशी में 25,445 करोड़ रूपये के लागत से गंगा-वरुणा कॉरिडोर से बदलेगी तस्वीर

वाराणसी, 15 जुलाई। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 25,445 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित करीब 89 किलोमीटर लंबे गंगा एवं वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी मिलने पर वाराणसी नगर निगम ने इसे काशी के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री एवं वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। महापौर तिवारी ने कहा कि गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर काशी के इतिहास की सबसे बड़ी आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं में से एक होगा। उन्होंने कहा कि इससे यातायात व्यवस्था सुगम होने के साथ रोजगार, व्यापार और पर्यटन को भी गति मिलेगी।

उन्होंने बताया कि परियोजना को दो भागों में विकसित किया जाएगा। पहला, लगभग 21.153 किलोमीटर लंबा चार लेन का वरुणा लिंक कनेक्टर कॉरिडोर होगा, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (एनएच-31) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। दूसरा, छह लेन का गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर होगा, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (एनएच-19) को रिंग रोड से जोड़ेगा।परियोजना पूरी होने के बाद चंदौली, मिर्जापुर, गाजीपुर, लखनऊ तथा बिहार की ओर से आने वाले भारी वाहन शहर के प्रमुख चौराहों में प्रवेश किए बिना अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे शहर के आंतरिक मार्गों पर यातायात का दबाव 60 से 70 प्रतिशत तक कम होने की संभावना है।

काशी में प्रतिवर्ष लगभग 15 करोड़ पर्यटक एवं श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन तथा गंगा घाटों के भ्रमण के लिए आते हैं। कॉरिडोर बनने के बाद लखनऊ, प्रयागराज और जौनपुर की ओर से आने वाले श्रद्धालु भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रवेश किए बिना नमो घाट, सामने घाट तथा काशी विश्वनाथ धाम के निकट तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे यात्रा का समय लगभग 60 मिनट से घटकर 20 मिनट रह जाने का अनुमान है।प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने इस मंजूरी को ‘विकसित काशी’ की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रही है और 89 किलोमीटर के एलिवेटेड सड़क नेटवर्क को मंजूरी मिलने से शहर को आधुनिक आधारभूत संरचना की बड़ी सौगात मिली है।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि आस्था, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई गति देगी। एयरपोर्ट से काशी विश्वनाथ धाम तथा नमो घाट तक बेहतर संपर्क स्थापित होने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। साथ ही, ट्रैफिक जाम में कमी आने से प्रदूषण घटेगा और आम लोगों का जीवन अधिक सुगम होगा।

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