
लखनऊ, 16 जुलाई । उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के रिक्त पदों को जल्द भरने के लिए स्वास्थ्य विभाग नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी ।अधिकारी के मुताबिक शासन ने स्वास्थ्य महानिदेशालय को एक केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए हैं, जिसके माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में डॉक्टरों के खाली पदों का ब्यौरा उपलब्ध रहेगा और संविदा पर भर्ती की प्रक्रिया तेज की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक जिले में डॉक्टरों के स्वीकृत, कार्यरत और रिक्त पदों की जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित होगी। पोर्टल पूरे वर्ष खुला रहेगा और 24 घंटे कार्य करेगा।
यदि किसी जिले में केवल एक पद भी रिक्त होगा, तो उसकी सूचना भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे रिक्तियों की निगरानी आसान होगी और समय पर भर्ती सुनिश्चित की जा सकेगी।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में स्वीकृत पदों की तुलना में छह हजार से अधिक डॉक्टरों के पद खाली हैं। इन रिक्तियों को भरने के लिए पहले चरण में करीब तीन हजार डॉक्टरों की संविदा पर नियुक्ति की जाएगी। चयन की प्रक्रिया जिला स्तर पर गठित समितियों द्वारा वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से पूरी की जाएगी।
संविदा पर नियुक्त डॉक्टरों की प्रारंभिक नियुक्ति एक वर्ष के लिए होगी। इसके बाद प्रदर्शन और आवश्यकता के आधार पर हर वर्ष नवीनीकरण किया जाएगा। अधिकतम तीन वर्ष तक संविदा बढ़ाई जा सकेगी। नियुक्त डॉक्टरों को प्रति माह एक लाख रुपये मानदेय दिया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल लागू होने से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, रिक्त पदों की वास्तविक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने में तेजी आएगी।