
ग्लासगो, 23 जुलाई । ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों 2026 में भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोर्गोहेन का पदक पक्का हो गया है। उन्हें महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग के सेमीफ़ाइनल में सीधे प्रवेश (बाई) मिला है, इसलिए उन्हें मेडल पक्का करने के लिए एक भी मुक़ाबला नहीं लड़ना पड़ा।
कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग के हर वेट कैटेगरी में दो ब्रॉन्ज़ मेडल दिए जाते हैं – सेमीफ़ाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को एक-एक मेडल मिलता है। इसलिए, जो बॉक्सर अंतिम चार में पहुँचता है, उसका पोडियम फ़िनिश (मेडल जीतना) पक्का हो जाता है, भले ही वह हार जाए।
लवलीना को ‘बाई’ ड्रॉ के आकार की वजह से मिला। ग्लासगो 2026 में महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में केवल पाँच बॉक्सर शामिल हुईं, जिससे 28 जुलाई को केवल एक क्वार्टर-फ़ाइनल मुक़ाबला – इंग्लैंड की मैरी केट स्मिथ और नाइजीरिया की पेट्रीसिया मबाटा के बीच – होना तय हुआ।
बाकी तीन बॉक्सर – लवलीना, ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री और तुवालु की टारोना ताफ़ाकी – बिना मुक़ाबला लड़े ही आगे बढ़ गईं। टोक्यो 2020 में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन लवलीना, फ़ाइनल में जगह बनाने के लिए 31 जुलाई को सेमीफ़ाइनल में ताफ़ाकी से भिड़ेंगी।
ग्लासगो में 28 वर्षीय भारतीय बॉक्सर को चाहे किसी भी रंग का मेडल मिले, यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका पहला पोडियम फ़िनिश होगा।
लवलीना गोल्ड कोस्ट 2018 में क्वार्टर-फ़ाइनल में चैंपियन बनीं सैंडी रयान से हारकर बाहर हो गई थीं और बर्मिंघम 2022 में अपना पहला ही मुक़ाबला हार गई थीं। उन्होंने पिछले दोनों संस्करणों में 69 किग्रा वर्ग में हिस्सा लिया था।
इस मेडल का मतलब यह भी है कि लवलीना ने अब उन सभी प्रमुख मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में मेडल जीत लिए हैं जिनमें वह हिस्सा लेने की पात्र थीं – ओलंपिक, एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स। ग्लासगो में हिस्सा लेने वाले अन्य भारतीयों में कपिल पोखरिया (पुरुष 90 किग्रा), नरेंद्र बेरवाल (पुरुष 90 किग्रा), जैस्मीन लंबोरिया (महिला 57 किग्रा), प्रिया घांघस (महिला 60 किग्रा), परवीन हुड्डा (महिला 65 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (महिला 70 किग्रा) शामिल हैं। ये सभी खिलाड़ी क्वार्टर-फ़ाइनल से अपना अभियान शुरू करेंगे और एक जीत के साथ ही मेडल पक्का कर सकते हैं।
ग्लासगो में बॉक्सिंग इवेंट स्कॉटिश इवेंट कैंपस (एसईसी) के हॉल 5 में 24 जुलाई से 1 अगस्त तक आयोजित किए जाएंगे। शुरुआती राउंड 24 से 29 जुलाई तक होंगे, जबकि मेडल तय करने वाले मुकाबले 31 जुलाई और 1 अगस्त को खेले जाएंगे।