
नयी दिल्ली, 29 जुलाई । पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश में बाघों की संख्या बढ़कर 3682 और बाघ अभ्यारण्यों की संख्या 58 हो गई है, जो वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।श्री यादव ने बुधवार को विश्व बाघ दिवस के मौके पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संरक्षण केवल वन्यजीवों की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण आधारित जीवनशैली अपनाने से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि इसी अवधि में हाथी अभ्यारण्यों, राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभ्यारण्यों और अन्य संरक्षित क्षेत्रों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।उन्होंने एनटीसीए के पर्यावरण-पर्यटन वेबपेज का शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से देश के सभी बाघ अभ्यारण्यों की आधिकारिक जानकारी, सफारी और आवास बुकिंग के लिंक एक ही मंच पर उपलब्ध होंगे। उनका कहना था कि इससे जिम्मेदार और टिकाऊ पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।श्री यादव ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण की कहानियां केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनमें पारंपरिक ज्ञान, अनुभव और संरक्षण के प्रति समर्पण भी समाहित है। उन्होंने वन अधिकारियों से अपने अनुभवों का दस्तावेजीकरण करने का आग्रह किया तथा अधिकारियों और कर्मचारियों के क्षमता निर्माण पर भी बल दिया।समारोह में बाघ संरक्षण और संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान के लिए वन अधिकारियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को एनटीसीए पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर बाघ संरक्षण से संबंधित पांच रिपोर्टों और प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया।