
चंडीगढ़, 30 जुलाई । भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग में कथित बदलाव को लेकर पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान एवं कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि दशकों से भारतीय हॉकी टीम की पहचान रही नीली जर्सी का रंग बदलना दुर्भाग्यपूर्ण है और खेलों को राजनीति से जोड़ने का प्रयास है। श्री सिंह ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम लंबे समय से नीले रंग की जर्सी पहनती आयी है, जो देश की खेल पहचान का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में जर्सी का रंग बदलकर भगवा करना उचित नहीं है और इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार हर क्षेत्र में अपनी वैचारिक सोच थोपने का प्रयास कर रही है और अब खेलों को भी इससे अछूता नहीं छोड़ा जा रहा।
उन्होंने कहा कि खेलों का उद्देश्य देश को जोड़ना, खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना और राष्ट्रीय गौरव को मजबूत करना है, न कि उन्हें राजनीतिक विचारधारा का माध्यम बनाना।पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार को खिलाड़ियों की जर्सी का रंग बदलने के बजाय खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने, आधुनिक खेल उपकरण देने, खिलाड़ियों को बेहतर आर्थिक और संस्थागत सहयोग प्रदान करने पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार, यही कदम भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने में सहायक होंगे।
श्री सिंह ने कहा कि खेलों का कोई धर्म, जाति या राजनीतिक रंग नहीं होता। खेल केवल खेल भावना, अनुशासन, प्रतिभा और राष्ट्र के सम्मान का प्रतीक हैं, इसलिए सरकार को खेलों को राजनीति से दूर रखना चाहिए। उन्होंने पंजाब सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी भी राज्य में रंगों की राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों, बसों और सरकारी कार्यालयों को पार्टी के रंगों में रंगा गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों को रंगों की राजनीति से बाज आना चाहिए और जनता के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।