
तेहरान, 01 अगस्त । ईरान ने आज चेतावनी दी कि यदि अमेरिका उसके क्षेत्र पर हमलों का एक और दौर शुरू करता है, तो जवाबी कार्रवाई के लिए वह पूरी तरह से तैयार है। ईरान ने कहा कि उसने पूरे पश्चिम एशिया में प्रमुख इजरायली बुनियादी ढांचे और अमेरिकी ऊर्जा संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए ‘व्यापक योजना’ तैयार की है।यह चेतावनी उन रिपोर्टों के बीच आयी है, जिनमें कहा जा रहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका नये सिरे से सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहा है।
यह घटनाक्रम ईरान, इजरायल-अमेरिका के बीच 40 दिनों तक चले संघर्ष के कुछ महीनों बाद सामने आया है।अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम से बात करते हुए एक वरिष्ठ ईरानी सुरक्षा अधिकारी ने ईरानी बुनियादी ढांचे पर संभावित अमेरिकी-इजरायली हमलों की रिपोर्टों को ‘एक तरह का पागलपन’ बताकर खारिज कर दिया, लेकिन कहा कि ईरान ने जोरदार जवाब देने की तैयारी कर रखी है।
अधिकारी ने कहा, “हम इसके लिए तैयार हैं।” उन्होंने कहा कि ईरान के सशस्त्र बलों ने संघर्ष के दौरान और उसके बाद के हफ्तों में अपनी क्षमता और जवाब देने की इच्छा दोनों का प्रदर्शन किया था।अधिकारी के अनुसार, ईरान की जवाबी योजना में ‘ इजरायल शासन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और क्षेत्र में अमेरिकी ऊर्जा बुनियादी ढांचे’ को निशाना बनाना शामिल है।
यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उन बार-बार दी गयी चेतावनियों के बाद आयी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि ईरान परमाणु कार्यक्रम पर समझौते पर पहुंचने में देरी जारी रखता है तो अमेरिका ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमला कर सकता है।28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के दौरान श्री ट्रम्प ने बार-बार ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाने की धमकी दी थी, जब तक कि अमेरिका की मांगों को ईरान स्वीकार नहीं कर लेता। हाल के हफ्तों में, उन्होंने फिर से चेतावनी दी है कि यदि बातचीत में कोई सार्थक प्रगति नहीं हुई तो ईरान को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
ईरानी चेतावनी उन रिपोर्टों के बीच आयी है कि अमेरिका इस सप्ताहांत की शुरुआत में नये सिरे से हमले शुरू करने पर विचार कर रहा है।सीबीएस न्यूज के अनुसार, सेंटकॉम ने कई सैन्य विकल्प तैयार किये हैं, हालांकि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और योजनाओं को ठंडे बस्ते में भी डाला जा सकता है।
अधिकारियों ने कहा कि एक प्रस्ताव में ईरान के मिसाइल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर दो सप्ताह का अभियान शामिल है। सैन्य योजनाकारों ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर संभावित हमलों की भी समीक्षा की है।ट्रम्प प्रशासन ने हालांकि इस चिंता के बीच अब तक ईरान के ऊर्जा क्षेत्र पर हमलों को मंजूरी देने से परहेज किया है कि ईरान खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा बुनियादी ढांचे के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है।
इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए ईरान के ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाने के पक्ष में सार्वजनिक रूप से तर्क दिया है, हालांकि उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिका ने ऐसे अभियानों को मंजूरी नहीं दी है।अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के दक्षिण में भूमिगत पिकैक्स माउंटेन स्थल सहित ईरानी परमाणु सुविधाओं पर हमला करने की योजनाओं की भी समीक्षा की है, हालांकि चर्चा जारी है और किसी निर्णय की घोषणा नहीं की गयी है।
ह्वाइट हाउस ने अपना रुख बरकरार रखा है कि यदि आवश्यक हुआ तो सख्ती से जवाब देने के लिए वे तैयार हैं। प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि ईरान तब तक नतीजा भुगतता रहेगा, जब तक कि वह उस बातचीत में शामिल नहीं होता, जिसे ट्रम्प प्रशासन सार्थक मानता है।