
लखनऊ, 02 अगस्त । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों से जनहित से जुड़े सभी मुद्दों को सदन में गंभीरता से उठाने और प्रदेश के विकास के लिए स्वस्थ एवं सार्थक चर्चा करने का आह्वान किया।
विधान भवन में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 अगस्त से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में आमजन से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सदन जनता की समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी मंच है और जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे जनता के हितों से जुड़े प्रत्येक मुद्दे को गंभीरता से सदन में रखें।
मुख्यमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से संचालित हो, इसके लिए सभी सदस्यों का सहयोग आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ बहस और रचनात्मक संवाद से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी तथा जनहित के कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
बैठक में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सभी दलों के नेताओं और सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने तथा कार्यवाही के सुचारु संचालन में सहयोग देने का आग्रह किया।
सर्वदलीय बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद और ओमप्रकाश राजभर, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा, जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के नेता रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’, निषाद पार्टी के रमेश सिंह, अपना दल (एस) के आर.के. पटेल तथा राष्ट्रीय लोकदल के राजपाल बालियान सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।