
लखनऊ, 02 अगस्त । उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होगा। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर तीखी नोकझोंक और हंगामे के आसार हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जहां अपनी सरकार के पिछले दस वर्षों की उपलब्धियों को सदन में रखेगी, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस राम मंदिर चढ़ावा चोरी, कानून-व्यवस्था तथा अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।
विपक्ष के नेता एवं समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि विपक्ष पूरी तरह तैयार है और राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा प्रमुखता से सदन में उठाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सत्र की अवधि कम रखकर अपनी जिम्मेदारियों से बचना चाहती है।
सावन माह और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर सरकार की प्रस्तावित व्यवस्थाओं और दिशा-निर्देशों को लेकर भी विपक्ष के सरकार को घेरने की संभावना जताई जा रही है।
विधानसभा के संभावित कार्यक्रम के अनुसार, पहले दिन दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा सकती है। चार अगस्त को अनुपूरक बजट पेश किए जाने की संभावना है।
पांच अगस्त को विधायी कार्य और अन्य सरकारी कार्य संपादित किए जाएंगे, जबकि छह अगस्त को अनुपूरक बजट पर चर्चा के बाद सत्र की कार्यवाही संपन्न होने की संभावना है।
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने भी कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला गंभीर है और सरकार को इस पर जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा भी कई जनहित के मुद्दे सदन में उठाए जाएंगे।
सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी दलों से सदन को सुचारु रूप से चलाने और जनहित के मुद्दों पर स्वस्थ एवं सार्थक चर्चा करने की अपील की।
वहीं विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सभी दलों से सदन की गरिमा बनाए रखने में सहयोग देने का आग्रह किया।
इधर सत्र की शुरुआत से पहले सर्वदलीय बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 अगस्त से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में आमजन से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सदन जनता की समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी मंच है और जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे जनता के हितों से जुड़े प्रत्येक मुद्दे को गंभीरता से सदन में रखें।
इस बीच मानसून सत्र के मद्देनजर राजधानी लखनऊ में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। विधानसभा और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए विशेष यातायात योजना लागू की गई है। हालांकि एंबुलेंस और स्कूली वाहनों को प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति रहेगी।