रिजेक्शन से डरना नहीं, उससे सीखना चाहिए : क्रांति प्रकाश झा

रिजेक्शन से डरना नहीं, उससे सीखना चाहिए : क्रांति प्रकाश झा

मुंबई, 03 अगस्त । अभिनेता क्रांति प्रकाश झा ने अपने अभिनय सफर के शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए कहा कि रिजेक्शन से घबराने के बजाय उससे सीख लेनी चाहिए। ‘रक्तांचल’ फेम अभिनेता क्रांति प्रकाश झा ने मनोरंजन जगत में अपने संघर्षपूर्ण सफर को याद करते हुए कहा कि रिजेक्शन, आर्थिक तंगी और धैर्य उनकी सफलता की कहानी के अहम हिस्से रहे हैं। आज भले ही वह फिल्मों और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपनी दमदार अदाकारी के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था।अपने अभिनय करियर की चुनौतियों पर बात करते हुए क्रांति ने कहा, “रिजेक्शन दुनिया का नियम है। आप इससे बच नहीं सकते।” उन्होंने कहा कि हर असफलता ने उन्हें और अधिक मेहनत करने तथा अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहने की प्रेरणा दी।

मुंबई में शुरुआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि वह गोरेगांव से ट्रेन पकड़कर महालक्ष्मी स्थित स्टूडियो तक ऑडिशन देने जाते थे। भीड़भाड़ और पसीने की वजह से वे अपने साथ अतिरिक्त कपड़े रखते थे, जिन्हें स्टूडियो पहुंचकर बदलते और फिर ऑडिशन देते थे।क्रांति ने कहा कि फिल्म ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ में काम करने के बाद भी उन्हें तुरंत सफलता नहीं मिली। उन्होंने बताया, “दो साल तक कुछ भी नहीं बदला। मेरे पास काम नहीं था और पैसे भी नहीं थे। लोग मेरे काम की तारीफ कर रहे थे, लेकिन काम नहीं मिल रहा था। फिर भी मैंने कभी खुद को बड़ा कलाकार नहीं समझा। मेरे माता-पिता ने मुझे विनम्र रहना सिखाया है।”उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी अपने सफर पर भरोसा नहीं खोया। आज ‘रक्तांचल 3’ की सफलता के बाद वह ओटीटी के चर्चित कलाकारों में शामिल हैं। विजय सिंह के किरदार के जरिए उन्होंने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। उनका मानना है कि संघर्ष, धैर्य और विनम्रता ही सफलता की असली कुंजी हैं।

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